ऊर्जा संरक्षण
जयपुर। ऊर्जा संरक्षण (बिजली बचत, अक्षय ऊर्जा उपयोग) के लिए ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट को बढ़ावा देने पर काम तेज होगा। जयपुर में अरण्य भवन इसमें आइडियल बनकर उभरा है और अब प्रदेश में नए सरकारी भवन भी इसी तर्ज पर बनाए जाएंगे। साथ ही मौजूदा कुछ भवनों की संरचना में बदलाव करने के लिए भी मसौदा तैयार किया जाएगा।
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बिल्डिंग बायलॉज में कई तरह की सहुलियत दी गई है। इसी आधार पर नगरीय निकायों ने प्रदेश में निजी बिल्डरों के ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट से जुड़े 19 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए हैं। पहली बार है ऊर्जा संरक्षण के लिए एक साथ इतनी इमारतें बनेगी।
ब्यूरो आॅफ एनर्जी एफिशियेंसी
ऊर्जा संरक्षण पर ब्यूरो आॅफ एनर्जी एफिशियेंसी काम कर रहा है। ब्यूरो की टीम ने पिछले वर्ष जयपुर, जोधपुर, उदयपुर सहित कुछ शहरों में कुछ इमारतों का जायजा भी लिया। अरण्य भवन इण्डो-स्विस बिल्डिंग एनर्जी एफिशियेंसी प्रोजेक्ट में शामिल है। यहां 44 प्रतिशत ऊर्जा बचत हो रही है।
यह है खासियत
-अरण्य भवन की इमारत की दीवारों के बीच 50 एमएम मोटाई में इंसुलेशन भरा गया है। इससे बारह की गर्मी का असर 60 फीसदी तक कम हो गया है। इसके अलावा छत पर भी इसी इंसुलेशन का उपयोग किया गया।
-खिड़की के कांच की गुणवत्ता और उसकी मोटाई भी इमारत में गर्मी का असर कम कर रही है।
-सोलर प्लांट के जरिए बिजली का उत्पादन हो रहा है।
बिजली बचत का यह है प्लान
-2 हजार अरब रुपए का निवेश हो तो अगले दस साल में 388 अरब यूनिट बिजली की बचत हो सकती है
-125 बिलियन यूनिट बिजली की बचत रियल एस्टेट सेक्टर से हो सकती है वर्ष 2019 से 2030 के बीच
-100 मिलियन टन कार्बनडाई आॅक्साइड कम उत्सर्जित होगी इस समय सीमा में
-5200 करोड़ यूनिट बिजली की खपत है सालाना राजस्थान में