
जयपुर. दक्षिण पश्चिम कमान की आॅपरेशनल तैयारियों का जायजा लेने जयपुर स्थित कमान मुख्यालय के दौरे पर आए सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सोमवार को आमेर महल का भ्रमण किया। अपनी पत्नी के साथ सैर पर निकले सेनापति के लिए पूरे किले को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर बाहर खड़े पर्यटकों को भी भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जनरल ने आमेर में दीवाने आम, सत्ताइस कचहरी, गणेश पोल, शीश महल देख कर यहां की कलाकारी अद्भुत बताया। शीश महल के रंगीन शीशे के बारे में जिज्ञासा व्यक्त की। इस पर वहां मौजूद महल के पदाधिकारियों ने बताया कि बेल्जियम से ये शीशे लाए गए थे।
समृद्ध संस्कृति बताते हैं ये स्मारक
देश के वरिष्ठतम सैन्य जनरल की सुरक्षा में केसर क्यारी से लेकर किले तक चप्पे चप्पे पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान तैनात हो गए। जनरल नरवणे और परिजनों ने गाइड महेश शर्मा के साथ यहां पूरे किले का तसल्ली से भ्रमण किया। आमेर फोर्ट की विजिटर बुक में उन्होंने लिखा कि आमेर किले जैसे ऐतिहासिक महत्व के स्मारक की यात्रा उनके लिए गौरव की बात है। इस स्मारक से हमें हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत की जानकारी मिलती है।
अधिकारियों के साथ की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार जनरल नरवणे ने कमान के जीओसी इन सी ले.जनरल ए.एस.भिंडर समेत कमान के अधीन विभिन्न सैन्य विन्यासों के प्रमुखों से वार्ता की और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया। गौरतलब है कि जयपुर स्थित कमान मुख्यालय के अधीन पश्चिमी सीमा पर राजस्थान से लेकर पंजाब तक के इलाके में सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
Published on:
31 Jan 2022 11:45 pm
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