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आठ दिन की अथक मेहनत से कारीगरों ने तैयार किया पंचलड़ा हार

रामलला के दिव्य शृंगार में जयपुर के हुनर की बेमिसाल झलक

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आठ दिन की अथक मेहनत से कारीगरों ने तैयार किया पंचलड़ा हार

आठ दिन की अथक मेहनत से कारीगरों ने तैयार किया पंचलड़ा हार

जयपुर. अयोध्या में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान श्यामलवर्ण प्रभु राम की प्रतिमा का करीब १५ किलो सोने और हजारों हीरे-पन्ने से तैयार किए गए आभूषणों से शृंगार किया गया। उनकी मूरत की पहली झलक देश-दुनिया के श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। मर्यादा पुरुषोत्तम के विग्रह को पहनाए गए सोने-जवाहरात से तैयार किए दूसरे नेकलेस (पंचलड़ा हार) को जयपुर के २० कारीगरों ने आठ दिन की अथक मेहनत से तैयार किया है। करीब ७०५ ग्राम वजनी इस हार की कीमत एक करोड़ रुपए है। जयपुर से प्रभु राम की सेवा में भेजे गए चांदी के भोग थाल के बाद उनके शृंगार में भी जयपुर के हुनर की बेमिसाल झलक दिख रही है।

वाल्मीकि रामायण, रामचरित मानस सहित अन्य ग्रंथों के गहन अध्ययन और शोध के बाद पंचलड़ा हार की डिजाइन तैयार की गई। जयपुर में इस हार को बनाने वाली फर्म के अरुण कोठारी ने बताया कि इस हार का जिम्मा उत्तरप्रदेश की एक फर्म के पास था। इस फर्म की ओर से करीब १५ दिन पहले संपर्क किया व हार बनाने के लिए आठ दिन का समय दिया। हार की डिजाइन देने के साथ ही पहली शर्त इस काम की गोपनीयता थी। इस कारण महोत्सव संपन्न होने के बाद इसे सार्वजनिक किया है।

उन्होंने बताया कि यह मेरे सहयोगी विकास मेहता व समृद्ध के साथ ही स्वयं मेरे लिए भी दिव्य अनुभूति रही। इस हार के निर्माण के दौरान पवित्रता का भी पूरा ख्याल रखा गया।
हार का कुल वजन : 705 ग्राम
सोना : 497.59 ग्राम
डायमंड : 82.14 कैरेट
पोलकी : 61.40 कैरेट
रूबी : 0.15 कैरेट
एमरल्ड : 519.24 कैरेट
पर्ल : 18.93 कैरेट
वैक्स : 71.04 ग्राम