जयपुर।
एक तरफ फिल्मों का सिलसिला तो दूसरी तरफ नन्हे दर्शकों का उत्साह, आनंद और उत्सुकता से भरे प्रश्न। यह अवसर रहा तीन दिवसीय आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ जयपुर और 16 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स का,जहां शहर के विविध स्कूलों में बच्चों ने दुनिया के अलग-अलग कोनों से आई फिल्मों का भरपूर लुत्फ उठाया। गौरतलब है कि शहर के 10 स्कूलों जयश्री पेड़ीवाल,संस्का, डॉल्फिंस हाई स्कूल,माहेश्वरी पब्लिक स्कूल,रेयान इंटरनेशनल स्कूल मानसरोवर,जगतपुरा, सुबोध पब्लिक स्कूल और भाभा पब्लिक स्कूल में 34 देशों की 62 फिल्मों का प्रदर्शन हुआ।
फेस्टिवल में बच्चों ने ना सिर्फ़ बहुत कुछ सीखा, बल्कि इस सिनेमाई अनुभव को बहुत एन्जॉय भी किया। दरअसल आज भी ख़ास बच्चों के लिए फिल्म फेस्टिवल्स नहीं के बराबर आयोजित किए जाते हैं और ऐसे में छात्र छात्राओं और शिक्षकों ने फिल्म फेस्टिवल की भरपूर सराहना की। बच्चों की बातों से साफ़ ज़ाहिर हुआ कि उन्होने बीते तीन दिनों में कितना कुछ सीखा है।
फिल्म फेस्टिवल के तीसरे और आखिरी दिन विशेष रूप से दिखाई जाने वाली फिल्मों में शामिल रही आयरलैंड से रुआन मगन की डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म स्टेप्स ऑफ फ्रीडम- दा स्टोरी ऑफ आइरिश डांस, लाट्विया से मारा लिनिना निर्देशित शॉर्ट एनिमेशन फिल्म हश हश लिटिल बीयर, इटली से रफेल सेल्वागिओला निर्देशित दा चेयर,ऑस्ट्रेलिया से रेबेका गौसी निर्देशित शॉर्ट फिक्शन फिल्म स्पेशल, शेज रिपब्लिक से फराज़ आलम की फिल्म बिटवीन दा लाइंस और ईशान योगेश राजाध्यक्ष निर्देशित डेस्टिनेशन पैराडाइज, यूएस से डेविड ज्यूरिक की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अर्थ टू आर्ट- बास्केट मेकर, यूके से जेनिफर फर्नले निर्देशित अ बैटर प्लेस, बेल्जियम से एंटोनियो स्पेनो की एमुको और फ्रांस से शोले बेलोक निर्देशित वूल्फ विस्पर्स। भारतीय फिल्मों में कार्तिक स्वामीनाथन की मुगिज़,विनोथ वीरामणि निर्देशित शॉर्ट फिक्शन फिल्म काकिथम -पेपर, जीनत जूली अहमद की शॉर्ट फिक्शन फिल्म प्रोजेक्ट बंखोलिया दिखाई गई।
अब अगले साल 24 से 26 अगस्त तक होगा फेस्टिवल
फाउंडर हनु रोज ने बताया कि जिफ का ही उद्देश्य है की दुनिया की बेहतरीन कहानियां और आइडियाज को बच्चे फिल्मों के तहत देखें,सुने और अपनी जिंदगी में उनमें से बेहतरीन विचारों को अपनाएं। इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन अब अगले साल 24 से 26 अगस्त तक होगा।