
जयपुर। गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में 56 माह से जेल में बंद कथावाचक आसाराम व उसके सेवादारों को लेकर आखिरकार फैसला सुना दिया गया है। न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आसाराम को दोषी करार दे दिया है। साथ ही अन्य आरोपियों शिल्पी और शरतचंद्र को भी दोषी करार दिया गया है। सुनवाई के लिए सेंट्रल जेल में बैरक नंबर दो के पास विशेष कोर्ट बनाई गई थी। सुत्रों की माने तो आसाराम को सजा का ऐलान भी आज हो सकता है।
आसाराम को सजा, जानें अब क्या होगा
केंद्रीय कारागार में विशेष कोर्ट से आसाराम को सजा और फैसले की कॉपी मिलने के तुरंत बाद आसाराम के वकील गुरुवार को राजस्थान उच्च न्यायालय में सजा स्थगन और सजा के खिलाफ अपील पेश कर सकते हैं।
शुक्रवार को केस डायरी मंगवाई जा सकती है। शनिवार को अवकाश रहेगा इसलिए उच्च न्यायालय में आसाराम की ओर से सजा स्थगन और सजा के खिलाफ अपील पेश की जाती है, तो उसकी सुनवाई संभवत: सोमवार को ही होगी।
फैसले से पहले तनाव में दिखे थे आसाराम
जोधपुर केंद्रीय कारागार में लगभग पौने पांच साल से बंद नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी कथावाचक आसाराम की फैसले के दिन की दिनचर्या सामान्य रही। हालांकि उनके चेहरे पर तनाव देखा गया। कारागार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आसाराम सवेरे आम दिनों की अपेक्षा जल्दी उठे और रात भर बैचेनी में रहे।
उनके चेहरे पर सजा का भय बना रहा। आसाराम सवेरे चार बजे उठे और आम दिनों की तरह उन्होंने किसी तरह का व्यायाम नहीं किया। बताया जाता है कि आसाराम सवेरे जल्दी उठे और पूजा अर्चना की। पूजा अर्चना के दौरान वह काफी तनाव में देखे गये और उनके चेहरे पर सजा का भय के साथ मायूसी देखी गयी।
मीडिया के प्रवेश की अर्जी खारिज
इससे पहले जेल में कवरेज के लिए हाईकोर्ट में मीडियाकर्मियों की ओर से लगाए गए प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
Published on:
25 Apr 2018 11:24 am
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