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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की झुंझुंनूं में आयोजित सभा में जब नारे लगे थे वसुंधरा तेरी खैर नहीं, मोदी तुझसे वैर नहीं। उसी दिन तय हो गया था कि कांग्रेस राज्य की सत्ता में लौटेगी। ये नारे लगाने वाले कोई और नहीं, आपके ही लोग थे। यह बात गहलोत ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में बजट पर चली बहस के जवाब में कही।
उन्होंने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि लोकसभा चुनाव की जीत को लेकर भाजपा घमण्ड नहीं करें, जिस प्रकार आए हैं, उसी तरह जाएंगे भी। बजट पर 4 दिन चली बहस में सत्तापक्ष व विपक्ष के 103 सदस्य बोले। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों की बातों पर सरकार गौर करेगी।
सरकार की प्राथमिकता
किसान, युवा और प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना ही सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की ओर से भामाशाह के कार्ड छापने पर ही 314 करोड़ खर्च करने को अपराध बताया। वहीं रिसर्जेंट राजस्थान के आयोजन पर करोड़ों खर्च करने को उद्योगपतियों का स्नेह मिलन समारोह मात्र बताया। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्से की राशि में 1950 करोड़ रुपए की कटौती की गई है।
विदेश यात्रा को ही आउटसोर्स करा
मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में विदेश यात्रा को ही आउटसोर्स कर दिया था, जो हिन्दुस्तान के इतिहास में पहली बार हुआ है। मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक किसी काम से विदेश जाए ठीक है, लेकिन एजेंसी को अधिकृत कर उनके टिकट और पास आउटसोर्स कर दिए जाएं यह ठीक नहीं।
किया कर्ज माफ
किसान कर्ज माफी को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने तो कोऑपरेटिव और भूमि विकास बैंकों का संपूर्ण कर्ज माफ कर दिया है। अब राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए विपक्ष के साथी हमारे साथ केन्द्र सरकार के पास चलें, जब उद्योगपतियों के हजारों करोड़ का वन टाइम सैटलमेंट हो जाता है, तो किसानों का क्यों नहीं। मुख्यमंत्री ने मानसून में देरी को लेकर कहा कि इस पर सरकार की नजर है। टिड्डी दल का हमला भी हुआ है।
75 साल गांधी याद नहीं आए...
महात्मा गांधी की 150 वीं वर्षगांठ मनाने को लेकर BJP - Congress की राजनीति को लेकर गहलोत ने कहा कि 75 साल गांधी याद नहीं आए। आज गांधी को याद करने की बात करते हैं। इतिहास तोडऩेे, मरोडऩे वाले कितने भी बड़े पद पर आ जाएं, वे कभी इतिहास नहीं बना पाएंगे।
पड़ोसियों का किसने नहीं रखा ध्यान?
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को लेकर कहा कि आज जो कहोगे वे काम करेंगे। उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तो पड़ोसियों का भी ध्यान नहीं रखा। आखिर पड़ोसियों से संबंध किसने बिगाड़े? उल्लेखनीय है कि गत कार्यकाल में वसुंधरा, गहलोत और राठौड़ पड़ोसी थे।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मेघवाल पर भी साधा निशाना
गहलोत ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने सदन में मौजूद मेघवाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने अध्यक्ष के रूप में रिकॉर्ड बनाया। विपक्ष का ध्यान नहीं रखा। कुर्र्सी से इनसे क्या नहीं बुलवाया गया। जमकर पॉलिटिक्स की।
Published on:
17 Jul 2019 10:04 am

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