7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Politics : ‘ये लापरवाही नहीं, सोचा-समझा सौतेला व्यवहार है’, अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार से ऐसा क्यों कहा?

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भजनलाल सरकार के बीच 'डिजिटल वॉर' अब और तेज हो गई है। गहलोत की चर्चित सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' का कारवां मंगलवार, 7 अप्रैल को चैप्टर-16 पर पहुँच गया है। इस बार गहलोत ने मारवाड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी' की सुस्त रफ्तार को लेकर सरकार की घेराबंदी की है ।

2 min read
Google source verification
ashok gehlot bhajanlal

ashok gehlot bhajanlal

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' के 16वें अध्याय में मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी (Marwar Medical University) का मुद्दा उठाकर प्रदेश की सियासत गर्मा दी है। गहलोत का आरोप है कि कांग्रेस शासन में स्वीकृत यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब 'कछुआ चाल' का शिकार हो गया है और भाजपा सरकार की सुस्ती के कारण इसकी 31 मार्च 2027 की डेडलाइन महज कागजों तक सिमट कर रह गई है।

'500 करोड़ का प्रोजेक्ट, 'कछुआ चाल' की सुस्ती'

अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जोधपुर में बनने वाली मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी मारवाड़ के लाखों लोगों के बेहतर स्वास्थ्य का सपना थी। 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिवर्सिटी का काम जिस रफ्तार से चलना चाहिए था, वह अब पूरी तरह थम सा गया है। गहलोत ने चेतावनी दी कि अगर यही रफ्तार रही तो मारवाड़ की जनता को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए अभी और कई सालों तक लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

'यह लापरवाही नहीं, सुनियोजित सौतेला व्यवहार है'

पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे केवल प्रशासनिक सुस्ती नहीं, बल्कि एक 'राजनीतिक एजेंडा' बताया। उन्होंने कहा:

  • मारवाड़ की उपेक्षा: गहलोत का दावा है कि भाजपा सरकार जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र के साथ जानबूझकर सौतेला व्यवहार कर रही है।
  • अदूरदर्शिता का आरोप: उन्होंने याद दिलाया कि पहले AIIMS के विस्तार को लेकर भी भाजपा ने इसी तरह की अदूरदर्शिता दिखाई थी और अब मेडिकल यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है।

31 मार्च 2027 की डेडलाइन पर मंडराया संकट

मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए मार्च 2027 का समय तय किया गया था। गहलोत के अनुसार, वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को देखते हुए यह लक्ष्य पूरा होना नामुमकिन लग रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बजट स्वीकृत है और योजना तैयार है, तो फिर काम को गति क्यों नहीं दी जा रही है?

मारवाड़ की जनता 'इंतजार' से थक चुकी है

गहलोत ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के मरीज जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जोधपुर पर निर्भर हैं, उनके लिए यह यूनिवर्सिटी एक बड़ी उम्मीद थी। लेकिन "भाजपा सरकार की सुस्ती ने इस उम्मीद पर पहरा लगा दिया है।" उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह जवाब दे कि मारवाड़ के विकास कार्यों को क्यों रोका जा रहा है।

सोशल मीडिया पर 'इंतजारशास्त्र' का बढ़ता प्रभाव

गहलोत की यह सीरीज अब राजस्थान की राजनीति में 'पब्लिक ऑडिट' का जरिया बन गई है। फिनटेक इंस्टीट्यूट, सुमेर लाइब्रेरी और अब मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी— गहलोत एक-एक करके उन प्रोजेक्ट्स को उठा रहे हैं जिन्हें वे अपनी सरकार की 'विरासत' मानते हैं और वर्तमान सरकार पर उन्हें ठप करने का आरोप लगा रहे हैं।