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यूथ में बढ़ रहा है टैटू बनवाने का क्रेज़, नए-नए डिजाइन बनाने की हो रही डिमांड

फिल्म और टीवी एक्टर्स ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों समेत कई अन्य सेलिब्रिटी भी रखते हैं टैटू का क्रेज़, इन्हें देखकर युवा भी हो रहे टैटू के प्रति आकर्षित।

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Attitudio Tattoo Studio Varun Arora speaks on Tattoo Industry

टैटू की परम्परा काफी पुरानी है, पहले यह गोदना के नाम से प्रचलित था। एक जमाने में आदिवासी व जनजाति समुदाय के लोग पहचान के तौर पर शरीर के अंगों पर कलाकृति बनाते थे, लेकिन अब फैशन बन चुका है। इसे शरीर पर बनवाकर युवा फैशनेबल दिखने की चाह रख रहे हैं। लिहाजा टैटू बनवाने को अब फैशन व स्टेट्स सिंबल के तौर पर देखा जाए तो गलत नहीं होगा।

युवाओं में बढ़ रहा क्रेज़

युवाओं में टैटू का क्रेज अपने रोल मॉडल को देखकर भी आया है। फिल्मों और टीवी के एक्टर्स ही नहीं बल्कि , खिलाड़ी समेत कई अन्य सेलिब्रिटी के टैटू देखकर भी युवा आकर्षित हो रहे है। युवा टैटू बनवाने के लिए परफेक्ट आर्टिस्ट का चयन करते है।

बड़ी हो रही टैटू इंडस्ट्री

टैटू इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाने वाले दिल्ली स्थित एटिट्यूडियो टैटू स्टूडियो के संचालक वरुण अरोड़ा ने अब तक इस क्षेत्र में एक लंबा सफर तय किया है। वे कहते हैं कि टैटू इंडस्ट्री अब इतनी ज़्यादा बड़ी हो गई है कि कई ब्रांड्स अपनी उपस्थिति मार्किट में दर्ज करवा चुके हैं और लगातार करवा भी रहे हैं।

स्टूडियो और ब्रांड्स का हो रहा उदय

टैटू एक्सपर्ट वरुण अरोड़ा बताते हैं कि न केवल भारत में ही, बल्कि दुनिया भर में टैटू उद्योग ने ऐसे कई स्टूडियो और ब्रांडों का उदय हो रहा है, लेकिन उनमें से कुछ अद्वितीय हैं जो वे ग्राहकों और टैटू प्रेमियों को प्रदान करते हैं।

ग्राहकों का भरोसा जीतना ज़रूरी

ऐसा ही एक टैटू ब्रांड बन गया है नई दिल्ली स्थित 'एटिट्यूडियो टैटू स्टूडियो'। इसे राजधानी के सबसे अच्छे टैटू शॉप और स्टूडियो की पहचान मिल चुकी हैं। इस स्टूडियो और इसके एक्सपर्ट संचालक वरुण अरोड़ा बताते हैं कि एक टैटू ब्रैंड स्टूडियो अपनी पहचान ग्राहकों का भरोसा जीतकर बनाता है। उसके बाद उसी भरोसे को कायम रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं रहती।

मेहनत का काम है टैटू मेकिंग

टैटू मेकिंग को करियर बनाने की मंशा रखने वालों के लिए वरुण अरोड़ा कहते हैं कि बाक़ी इंडस्ट्री की तरह इस टैटू इंडस्ट्री में भी कोई शोर्ट कट नहीं है। ये आर्ट मेहनत के साथ ही बेहतर माइंडसेट भी मांगती है। आजकल ढेरों तरह के टैटू बनवाने की डिमांड्स आने लगी हैं, जिन्हें बनाना मुश्किल तो होता ही है साथ ही पूरा बनने के बाद वो टैटू ग्राहक को पसंद आये तभी उसे सफल माना जाता है।