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जयपुर में न्यूबोर्न स्क्रीनिंग प्रोग्राम आयोजित, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खिलाड़ी ब्रेट ली ने लिया हिस्सा

जयपुर में शुरू हुआ यूनिवर्सल न्यूबोर्न स्क्रीनिंग प्रोग्राम में पहुंचे कॉक्लियर के ग्लोबल हियरिंग अम्बेसडर ब्रेट ली, कहा सफल इलाज के लिए सुनने की समस्या की पहचान होना जरूरी

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जयपुर

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Deepshikha

Nov 11, 2019

cricketer Brett Lee

जयपुर में न्यूबोर्न स्क्रीनिंग प्रोग्राम आयोजित, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खिलाड़ी ब्रेट ली ने लिया हिस्सा

अविनाश बाकोलिया / जयपुर. एसआर गोयल सरकारी अस्पताल में सोमवार को यूनिवर्सल न्यूबोर्न हियरिंग स्क्रीनिंग प्रोग्राम(यूएनएचएस) शुरू किया गया। इस मौके पर ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खिलाड़ी और कॉक्लियर के ग्लोबल हियरिंग अम्बेसडर ब्रेट ली, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी और एस. आर. गोयल सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जगदीश सिंह ने इस प्रोग्राम का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर ब्रेट ली ने कहा कि सुनना हर व्यक्ति का मूलभूत अधिकार है। सुनने में कुछ कमी हो या बहरापन हो तो दूसरों के साथ बातें करने में कठिनाइयां आती हैं। आज टेक्नोलॉजी इतनी विकसित हो चुकी है कि बहरेपन का इलाज किया जा सकता है, लेकिन सफल इलाज के लिएसमस्या की पहचान होना बहुत आवश्यक है। जन्म के समय ही यदि सुनने की क्षमता की जांचकरवाई जाए या शिशु में कोई समस्या हो तो उसकी पहचान हो सकती है। इससे तुरंत इलाज किया जा सकता है।

इस तरह के हियरिंग स्क्रीनिंग प्रोग्राम से छोटे बच्चों को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में बहरेपन की समस्या से पीडि़त 466 मिलियन लोगों में से 34 मिलियन बच्चें हैं। इस मौके पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि जन्म के समय ही नवजात शिशु की सुनने की क्षमता की जांच होना जरूरी है।

न्यूबोर्न हियरिंग स्क्रीनिंग में सभी नवजात शिशुओं की जन्म के समय ही जांच की जाएगी।विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2050 तक 900 मिलियन से ज्यादा लोग बहरेपन की समस्या से पीडि़त होने की आशंका है। एस. आर. गोयल सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जगदीश सिंह ने बताया कि बहरेपन से बच्चे के विकास और सीखने की क्षमता पर बुरा असर पड़ताहै। बचपन के शुरुआती साल बच्चे के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण साल होते हैं, जब उनका संज्ञानात्मक विकास होता है।

बच्चे की शारीरिक, बौद्धिक, शैक्षिक, सामाजिक, मानसिक विकास के लिए सुनने की क्षमता का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है, इसमें यदि कोई कमी हो तो मानसिक विकास मेंकमी या देरी हो सकती है। हियरिंग स्क्रीनिंग जांच से समस्या की जल्द से जल्द पहचान हो सकती है, और सही इलाज किए जा सकते हैं।