राजीविका के महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से उत्पादित जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था की ओर से किया जाएगा। इस सम्बन्ध में राजीविका की राज्य मिशन निदेशक मंजू राजपाल और राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के निदेशक महेश वर्मा ने मंगलवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
राजीविका की महिलाओं के जैविक
उत्पादों का हो सकेगा प्रमाणीकरण
जयपुर, 24 मर्ई। राजीविका के महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से उत्पादित जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था की ओर से किया जाएगा। इस सम्बन्ध में राजीविका की राज्य मिशन निदेशक मंजू राजपाल और राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के निदेशक महेश वर्मा ने मंगलवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। राजीविका द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा आठ जिलों के 19 ब्लॉक के 353 गांवों में 2780 हैक्टेयर में जैविक खेती की जाएगी। महिला किसानों के जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण होने से प्रमाणित जैविक उत्पादों के विपणन करने में आसानी होगी। इससे इन जैविक उत्पादों की उत्पादक महिलाओं के आर्थिक स्वालम्बन की राह प्रशस्त होने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान बीज एवं प्रमाणीकरण संस्था स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जैविक खेती व प्रमाणीकरण में तीन वर्ष तक सहयोग प्रदान करेगी।
डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग पर एक्सपट्र्स ने किया मंथन
जयपुर
एसकेआईटी के आईईईई कंप्यूटर सोसाइटी और एमटीटी छात्र अध्याय की ओर से डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग एंड इट्स इमर्जिंग एप्लीकेशन विषय पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया। विशेष अतिथि के रूप में हरिद्वार से असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक आर्य थे। टॉक की शुरुआत डॉ.नीलम चौधरी ने की। इस इंटरेक्टिव सत्र में विशेषज्ञ ने प्रतिभागियों को डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग और इसके अनुप्रयोगों के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग में उपयोग की जाने वाली विभिन्न तकनीकों जैसे एन्हांसमेंट, कम्प्रेशन, एन्क्रिप्शन, सेगमेंटेशन आदि के बारे में जानकारी दी। डॉ. शुभी जैन ने धन्यवाद के साथ सत्र का समापन किया।