
साइबर क्राइम को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी
जयपुर। डीजी साइबर सिक्योरिटी डॉ रवि प्रकाश मेहरड़ा ने कहा कि साइबर अपराध की चुनौती का सामना करने के लिए पुलिस काम कर रही हैं। पिछले दिनों मेवात क्षेत्र में करीब एक लाख 28 हजार सिम और एक लाख मोबाईल सेट को निष्क्रिय किया गया। पुलिस इन्टर्नशिप प्रोग्राम के माध्यम से अद्यतन युवा प्रतिभाओं को भी जोड़ा जा रहा है। डॉ मेहरड़ा शनिवार को गोपालपुरा बाइपास स्थित एक होटल में साइबर सिक्योरिटी पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में साइबर थाने स्वीकृत किए है एवं 50 करोड रुपए की लागत से सेन्टर फॉर साइबर सिक्युरिटी की स्थापना की जा रही है।
पुलिसकर्मियों की तकनीकी दक्षता पर दिया जा रहा जोर
डीजीपी ने बताया कि बढते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस कर्मियों की तकनीकी दक्षता पर विशेष बल दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को साइबर सिक्युरिटी डिप्लोमा कोर्स भी करवाया जा रहा है। डिजिटल जागरूकता के लिए राजस्थान पुलिस हैकाथन पोर्टल का शुभारम्भ किया गया है।
साइबर अपराध के प्रति जागरूकता जरूरीअतिरिक्त निदेशक जनसम्पर्क गोविन्द पारीक ने कहा कि अधिकांश साइबर अपराध जाली ईमेल, मैसेज या फोन कॉल पर बैंककर्मी बनकर एटीएम नंबर और पासवर्ड आदि की जानकारी लेकर किए जाते हैं। एटीएम कार्ड का नंबर और पासवर्ड इत्यादि किसी अन्य को नहीं बताए। अनजान व्यक्तियों से फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने में सावधानी बरतें। वीडियो कॉल के दौरान किसी भी तरह के अशोभनीय अनुरोध को स्वीकार ना करें। यदि फिर भी आप साइबर क्राइम के शिकार बन गए हैं तो तत्काल 1930 डायल करें।
एचडीएफसी बैंक के ज़ोनल हेड प्रियांक विजय ने बैंक द्वारा साइबर फ्रॉड से बचने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर क्राइम का मुख्य कारण लापरवाही एवं लालच है।
कार्यक्रम आयोजक व गोपालपुरा व्यापार मंडल के संरक्षक पवन गोयल ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग विशेष रूप से साइबर ठगी का शिकार होता है।
Published on:
19 Aug 2023 09:54 pm
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