13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rama Mandir Ayodhya: राम मंदिर की नींव में राजस्थान के देवस्थानों की ‘मिट्टी’

राजस्थानियों के लिए गौरव की बात है कि राम मंदिर की नींव में राजस्थान के पचास से अधिक मंदिर, मठ, आश्रम और तीर्थ क्षेत्रों की 'रज कण' डाली गई है। छोटी काशी के नाम से विख्यात राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध श्री राधागोविंद देवजी मंदिर और मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के अलावा तपोभूमि गलता तीर्थ, हल्दीघाटी, चित्तौड़गढ़, मेहंदीपुर बालाजी, त्रिनेत्र गणेश व डिग्गी कल्याण जी की मिट्टी का उपयोग नींव तैयार करने में किया गया है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Jan 05, 2024

ayodhya_ram_mandir_1.jpg

राजस्थानियों के लिए गौरव की बात है कि राम मंदिर की नींव में राजस्थान के पचास से अधिक मंदिर, मठ, आश्रम और तीर्थ क्षेत्रों की 'रज कण' डाली गई है। छोटी काशी के नाम से विख्यात राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध श्री राधागोविंद देवजी मंदिर और मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के अलावा तपोभूमि गलता तीर्थ, हल्दीघाटी, चित्तौड़गढ़, मेहंदीपुर बालाजी, त्रिनेत्र गणेश व डिग्गी कल्याण जी की मिट्टी का उपयोग नींव तैयार करने में किया गया है। इतिहास में मीरा की भक्ति, महाराणा प्रताप के पराक्रम और वीर सपूतों के शौर्य के लिए विश्व प्रसिद्ध राजस्थान की माटी अब अयोध्या में निर्मित 'रामलला' मंदिर की नींव की मजबूती में अपने योगदान के लिए याद रखी जाएगी। मंदिर के हरेक भाग में राजस्थानी रज अपनी सुगंध बिखेरेगी।

देश के ढाई हजार से अधिक क्षेत्रों से आई मिट्टी

यदि पूरे देशभर के तीर्थ स्थानों व मंदिरों की बात की जाए तो नींव को मजबूत बनाने में 2 हजार 587 क्षेत्रों की मिट्टी का उपयोग किया गया है। हजारों साल तक राम मंदिर सुरक्षित खड़ा रहे, इसलिए इसकी नींव के निर्माण का कार्य लगभग पांच महीनों तक चला। मंदिर निर्माण के लिए जमीन की 50 फीट गहराई में कांक्रीट की आधारशिला रखी गई। जिसकी 2.77 एकड़ भूमि पर भव्य राम मंदिर बन रहा है।

राजस्थान में यहां से एकत्रित हुई मिट्टी

जयपुर से मोती डूंगरी गणेशजी, गोविंद देवजी, गलता पीठ, घाट के बालाजी, शिलामाता, झूलेलाल मंदिर अमरापुर, श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर, त्रिवेणी धाम, शाकंभरी माता सांभर, ज्वाला माता मंदिर जोबनेर, वीर हनुमान मंदिर सामोद, पंचखंड पीठ विराटनगर, सीकर जिले से खाटूश्याम जी, रेवासा पीठ, जीणमाता मंदिर, चूरू जिले से सालासर बालाजी, ददरेवा धाम राजगढ़, झुंझुनूं जिले से रानी सती मंदिर, सूर्य मंदिर लोहार्गल, शाकंभरी माता मंदिर उदयपुरवाटी, अलवर जिले से भर्तृहरि धाम पांडुपोल, करौली जिले से मदन मोहन जी मंदिर, कैला माता मंदिर।

यह भी पढ़ें:-पीएम मोदी के सामने सीएम भजन लाल ने इंदिरा रसोई का नाम बदला


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग