
जयपुर. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बेरोजगारों को 3500 रुपए प्रतिमाह भत्ता देने का वादा किया है। नई सरकार से जल्द यह चुनावी घोषणा लागू करने की अपेक्षा की जा रही है। मगर दूसरी आेर सरकारी स्कूलों में इंटर्नशिप के दौरान पढ़ा रहे विद्यार्थी अभी खाली हाथ ही हैं। उन्हें सरकारी स्कूलों तक पहुंचने के लिए भी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
बीएड विद्यार्थियों को दो वर्ष में दो बार सरकारी स्कूलों में इंटर्नशिप करनी होती है। प्रथम वर्ष में एक माह व दूसरे साल में चार माह के लिए इंटर्नशिप करवाई जाती है। करीब एक लाख विद्यार्थी हर साल सरकारी स्कूलों में इंटर्नशिप के दौरान पढ़ा रहे हैं। मगर शिक्षा विभाग भत्ते के रूप में उन्हें कुछ नहीं देता। बीएड के विद्यार्थी कई बार इसकी मांग भी उठा चुके हैं।
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80 किमी तक दूर आवंटित किए स्कूल
शिक्षा विभाग इन दिनों बीएड के विद्यार्थियों की इंटर्नशिप करवा रहा है। प्रथम वर्ष के छात्रों को ६०-८० किमी दूर तक के स्कूल आवंटित किए जा रहे हैं। लड़कियों को भी घर से दूर के स्कूलों में भेजा जा रहा है। यह पहली बार नहीं, बल्कि हर साल की कहानी है। पिछले साल तो कई विद्यार्थियों को घर से दो सौ किमी दूर तक के स्कूल अलॉट कर दिए गए। इन्हें स्कूल पहुंचने के लिए हर दिन 80 से 100 रुपए तक खर्चने पड़ रहे हैं। एक तरफ बीएड की फीस, दूसरी तरफ इंटर्नशिप का खर्चा होने से दुगुनी मार पड़ रही है।
-इंटर्नशिप के लिए स्कूल बहुत दूर मिला है। कोई भत्ता नहीं मिलता, जेब से ही पैसा खर्च करके जाना पड़ता है। सरकार को इंटर्नशिप के दौरान भी भत्ते की व्यवस्था करनी चाहिए।
- अनिता शर्मा, प्रथम वर्ष
- पढ़ाई के दौरान हम इंटर्नशिप के साथ स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर करते हैं। मगर विभाग हमारी ओर ध्यान ही नहीं देता। इस दौरान भत्ता दिया जाना चाहिए।
- आशा, प्रथम वर्ष
Published on:
16 Dec 2018 08:20 pm
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