
अदभुत होता है बम्बुसा बांस का पेड़, काटने के बाद दोगुना हो जाता है उत्पादन
खादी आयोग ने चंदन और बांस की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 262 एकड़ जमीन में फैले हुए अपने नासिक प्रशिक्षण केंद्र में चंदन और बांस के 500 पौधे लगाने की मुहिम की शुरुआत कर दी है। चंदन के वृक्षारोपण की योजना से अगले 10 से 15 वर्षों में 50 करोड़ से 60 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। चंदन का एक पेड़ 10 से 15 साल में परिपक्व हो जाता है और वर्तमान दर के अनुसार, 10 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक बिकता है।
अगरबत्ती की लकड़ी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बांस की एक विशेष किस्म बम्बुसा तुलदा को महाराष्ट्र में लगाया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय अगरबत्ती उद्योग को सहयोग देना और प्रशिक्षण केंद्रों के लिए नियमित आय स्रोत बनाना है। बांस का पेड़ तीसरे वर्ष में कटाई के योग्य हो जाता है। एक परिपक्व बांस के डंडे का वजन लगभग 25 किलो होता है, औसतन 5 रुपये प्रति किलोग्राम के औसत दर से बिकता है। इस दर पर बांस के एक परिपक्व डंडे की कीमत लगभग 125 रुपये होती है। बांस के पौधे में अद्वितीय गुण होता है। प्रत्येक बांस का पौधा, तीसरे वर्ष के बाद, न्यूनतम 5 डंडे का उत्पादन करता है और उसके बाद, बांस के डंडे का उत्पादन प्रत्येक वर्ष दोगुना हो जाता है। इसका मतलब यह है कि 500 बांस के पौधों से तीसरे वर्ष में कम से कम 2,500 बांस के डंडे प्राप्त होंगे और इससे लगभग 3.25 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होगी जो प्रत्येक वर्ष दोगुनी रूप से बढ़ेगी। मात्रा के हिसाब से, 2,500 बांस के डंडे का वजन लगभग 65 टन होगा, जिसका उपयोग अगरबत्ती बनाने के लिए किया जाएगा और इस प्रकार से बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार का निर्माण होगा। पिछले कुछ महीनों में खादी आयोग ने देश के विभिन्न हिस्सों में, बम्बुसा तुलदा के लगभग 2,500 पेड़ लगाए हैं। अगरबत्ती निर्माताओं के लिए सही कीमत पर कच्चे माल की स्थानीय उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए नासिक में नवीनतम वृक्षारोपण के अलावा दिल्ली, वाराणसी और कन्नौज जैसे शहरों में बम्बुसा तुलदा के 500 पौधे लगाए गए हैं। चंदन के पेड़ों की लकड़ी का निर्यात बाजार में भी है। चंदन और इसके तेल की चीन, जापान, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में भारी मांग है। हालांकि, चंदन की आपूर्ति बहुत कम है और इसलिए भारत के लिए चंदन के वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और चंदन के उत्पादन में एक वैश्विक लीडर बनने का एक सुनहरा अवसर है।
Published on:
13 Jul 2020 09:06 pm
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