मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के बाद से शादी का सीजन (Wedding Season) शुरू हो गया है, जगह-जगह शइनाइयां गूंजने वाली है लेकिन 'बैंड बाजा बारात गैंग' (Band Baaja Baaraat Gang) से सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे लोग जो शादियों में बिन बुलाए मेहमान बन कर आते हैं और माल लेकर चंपत हो जाते हैं।
14 जनवरी को खरमास के समापन के साथ ही शादी-विवाह शुरू हो गए हैं और यह सिलसिला मार्च माह तक जारी रहेगा। 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास के चलते एक माह शादियां रूकेंगी। इसके बाद 29 जून 2023 को देवशयनी एकादशी तक शहनाइयां गूंजेगी। बाद में नवंबर और दिसंबर में शादी के मुहूर्त हैंं। शादी के सीजन में बाजार गुलजार हो गए हैं, जमकर खरीदारी हो रही है, वैडिंग हॉल भी बुक किए जा रहे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Cait) का अनुमान है कि इस बार देशभर में करीब 70 लाख शादियां होंगी।
इस बीच यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि शादी के लगभग हर सीजन में लगभग चार से पांच ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ होता है जो कई शादियों में अपने हाथ की सफाई दिखा चुका होता है। पुलिस इन्हें 'बैंड बाजा बारात गैंग' कहती है। पुलिस ने इनसे सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार इन गिरोहों के सरगना गांवों में 9 से 15 साल के बच्चों के माता-पिता को फुसलाते हैं और उन्हें किश्तों में पैसे देते हैं। बदले में, बच्चे को शादियों में चोरी के लिए 'किराए' पर लिया जाता है। मैरिज हॉल या शादी की भव्यता के आधार पर, गिरोह के सदस्य किसी भी संदेह से बचने के लिए स्थानीय बाजारों और मॉल से नए कपड़े खरीदते हैं और महंगी घड़ियां और गहने पहन कर आते हैं। इनमें से कई इतने शातिर होते हैं कि सीसीटीवी या शादी के फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों द्वारा कैद किए गए फुटेज से बचकर रहते हैं। ऐसे में बाद में भी उनका सुराग हासिल करना मुश्किल हो जाता है।
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