
बैंक कर्मियों की चेतावनी, कारपोरेट के पास नहीं जाने देंगे जनता का पैसा, निजीकरण किया तो हड़ताल
राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन का 32वां प्रांतीय अधिवेशन शुरू हो गया है। अधिवेशन के पहले दिन ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण और विलय के विरोध के साथ बैंकों में दो लाख खाली पदों पर नई भर्ती की मांग की। बैंक कर्मचारी नेता महेश मिश्रा ने सरकारी बैंकों में ठेका प्रथा बंद करने और स्थाई नियुक्ति की मांग उठाई। वेंकटचलम ने कहा कि केंद्र सरकार सरकारी बैंकों के निजीकरण करना चाहती है। अगर सरकार ऐसा करती है तो देश भर में दस बैंक कर्मचारी 24 घंटे में हड़ताल पर चले जाएंगे। सार्वजनिक बैंकों में दो लाख खाली पद है, इन्हे जल्द भरे जाने की जरूरत है, क्योंकि वर्तमान में काम कर कर्मचारियों पर काफी काम का दबाव बना हुआ है।
बैंक कर्मियों की मुख्य मांगे
1. बैंक कर्मियों ने कहा, कारपोरेट के पास नहीं जाने देंगे जनता का पैसा
2. आम बजट से 3 गुना पैसा सरकारी बैंकों में जमा है, यह निजीकरण के जरिए कारपोरेट के हाथों में चला जाएगा, सरकारी बैंक ही जनता के धन की सुरक्षा कर सकते हैं
3. कारपोरेट घराने धोखाधड़ी से बैंक लोन ले रहे हैं फिर लोन नहीं चुकाते। इससे पांच लाख करोड़ रुपए एनपीए हो चुका हैं
6. एनपीए रोकने के लिए लाया गया कानून आईबीसी नकारा साबित हो रहा है, बैंक विलय और शाखाएं कम होने से ग्राहक सेवा पर असर पड़ रहा है कर्मचारी दबाव में है
7. सरकारी और ग्रामीण बैंकों में विदेशी व निजी निवेश का विरोध करते है
Published on:
23 Apr 2023 01:27 pm

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