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तत्काल चैक करें, कहीं आपका बैंक खाता तो नहीं हुआ खाली

शहर में एक दिन में हुई एक दर्जन वारदात, दिल्ली के विभिन्न एटीएम बैंक से निकाले रुपए

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jaipur

मुकेश शर्मा / जयपुर . नीरव मोदी के जालसाजी के खुलासे के बाद भी बैंकों में धोखाधडी करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। नीरव ने तो सिर्फ एक बैंक पीएनबी को निशाना बनाया, लेकिन कई छोटे—छोटे धोखेबाज अनेक बैंकों में नए—नए तरीकों से जालसाजी कर रहे हैं। अब आज का ही मामला लें जिसमें दिल्ली के ठगों ने वहीं बैठे—बैठे जयपुर वालों की जेब खाली कर दी

बैंक एटीएम से रुपए उड़ाने वाले जालसाजों के गिरोह ने रविवार को एक साथ कई लोगों को शिकार बनाया। किसी के 15 हजार तो किसी के 40 हजार रुपए निकल गए। अधिकांश पीडि़त लोगों के रुपए दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र से निकले हैं। रविवार शाम तक 11 पीडि़त महेश नगर थाने पहुंच गए थे। पीडि़त लोगों में कोई नौकरीपेशा है तो कोई छात्र और व्यापारी। महेश नगर थाने पहुंचने वाले पीडि़त इसी थाना अंतर्गत अलग-अलग जगह रहने वाले हैं। पुलिस इनकी रिपोर्ट लेकर जालसाजों को तलाश रही है। जालसाजों ने रविवार सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक दिल्ली के विभिन्न एटीएम से यह रकम निकाली।

चार मिनट में एक महिला के निकाले 40 हजार

करतारपुरा के श्रीकल्याण नगर निवासी चन्द्रलता नवल ने बताया कि दोपहर 12.52 बजे 10 हजार रुपए निकलने का पहला मैसेज मोबाइल पर आया। फिर एक-एक मिनट में कर तीस हजार रुपए और निकल गए। उनके कुल चालीस हजार रुपए निकल गए।

दों मिनट में बीस हजार निकले

महेश नगर की अवधपुरी कॉलोनी निवासी प्रदीप सिघाडिया ने बताया कि उसके मोबाइल पर दोपहर 12 बजे दिल्ली के एक एटीएम से दस हजार रुपए निकलने का मैसेज आया। मैसेज देख रहे थे, तभी 12.01 बजे दूसरा मैसेज और दस हजार रुपए निकलने का मैसेज आ गया।

इनके भी निकले रुपए

महेश नगर क्षेत्र में रहने वाले करौली के दयारामपुरा निवासी मोहनराज मीणा के 15 हजार रुपए, जालौर निवासी दिनेश कुमार के बीस हजार रुपए, महेश नगर निवासी अर्जुन अग्रवाल के तीस हजार रुपए, अग्रसेन नगर निवासी कमलेश कुमार मीणा के दस हजार रुपए निकाल लिए गए। जबकि इनके बाद पांच अन्य पीडि़त देर शाम को महेश नगर थाने मामला दर्ज कराने पहुंचे।

ना नंबर पूछा और ना कोई फोन आया

पीडि़तों का कहना था कि उनके मोबाइल पर किसी का फोन भी नहीं आया। बैंक की जानकारी भी किसी ने नहीं पूछी। उनके एटीएम कार्ड उनके पास थे। फिर जालसाजों ने उनके एटीएम का क्लोन कैसे बना लिया। यह भी चर्चा में रहा कि महेश नगर क्षेत्र के ही अधिकांश पीडि़त लोग क्यों है। संभावना जताई जा रही है कि जालसाजों की गैंग ने महेश नगर में अपना ठिकाना बनाया हो और फिर यहां एटीएम में रुपए निकालने आने वालों लोगों के एटीएम से उनके कार्ड का क्लोन बना लिया। फिर दिल्ली पहुंचकर विभिन्न बैंकों के एटीएम से रुपए निकाल लिए।

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