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चौंकाएगी एलोवेरा से बनी बैटरी, कोटा के दशहरा मैदान में आ रहे कई स्टार्टअप

इन बैटरियों से मिट्टी, पानी या वायु प्रदूषण नहीं होता है, क्योंकि सीसा और पारा जैसी खतरनाक धातुओं का उपयोग नहीं किया जाता है। इसके अलावा, इसमें विस्फोटक नहीं है।

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जयपुर

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Amit Purohit

Mar 01, 2023

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Aloe Ecell: battery made from aloe vera.

कोटा/पत्रिका न्यूज नेटवर्क. एमएसएमई क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स अपने उत्पादों से न सिर्फ एक नई क्रांति ला रहे हैं, बल्कि आम आदमी की जिंदगी को बेहतर और सरल भी बना रहे हैं। इसी तरह के कई उत्पाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर 4 से 6 मार्च तक दशहरा मैदान में आयोजित हो रहे एमएसएमई औद्योगिक प्रदर्शनी एवं मेले में भी दिखाई देंगे। मेले में नए स्टार्टअप्स को भी आमंत्रित किया गया है। मेले में युवाओं को इन स्टार्टअप्स के संचालकों से संवाद का सीधा अवसर मिलेगा। इसके अलावा वे एमएसएमई मंत्रालय की ओर से संचालित ऋण योजनाओं के बारे में भी जान पाएंगे। एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार जैन तथा मेले के मुख्य संयोजक राकेश जैन ने बताया कि आयोजन समिति ने मंगलवार को दशहरा मैदान में मेला स्थल का जायजा लिया।

विश्व की पहली इको फ्रेंडली बैटरी:
मेले में आ रहे अलॉय ईसेल (Aloe Ecell )ने विश्व की पहली इको फ्रेंडली बैटरी बनाई है। एलोवेरा से बनी इस बैटरी में ऐसी प्राकृतिक चीजें मिलाई गई है जिससे न तो इनके फटने का डर रहता है और ना ही प्रदूषण फैलता है। इसे स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के साथ-साथ विश्व की कई अग्रणी पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इसे दुनिया की पहली 100 प्रतिशत पर्यावरण के अनुकूल और गैर-खतरनाक बैटरी कहा जा रहा है। यह 1.5V एए और AAA आकार की बनाई गई है। इसकी तकनीक में बैटरी के जहरीले और खतरनाक रसायनों को हर्बल इलेक्ट्रोलाइट से बदल दिया है। इन बैटरियों से मिट्टी, पानी या वायु प्रदूषण नहीं होता है, क्योंकि सीसा और पारा जैसी खतरनाक धातुओं का उपयोग नहीं किया जाता है। इसके अलावा, यह विस्फोटक नहीं है, और मानव उपयोग के लिए सुरक्षित है क्योंकि इसमें विस्फोटक इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड मौजूद नहीं हैं। ई-सेल की उत्पादन लागत 10 प्रतिशत कम होगी और सामान्य बैटरी की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक चलेगी। इससे पर्यावरण को जहरीले कचरे से बचाया जा सकेगा।