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बीसीसीआई को 282 करोड़ रुपए का फटका देने के मूड में आईसीसी

वैश्विक संस्था से बीसीसीआई को सालाना करीब 40.5 करोड़ डॉलर का राजस्व मिलता है जिसमें 10 फीसदी के हिसाब से करीब चार करोड़ डॉलर (करीब 282 करोड़ रुपए) की राशि काटी जा सकती है।

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BCCI, ICC, revenue disput T-20 world cup 2016

बीसीसीआई को 282 करोड़ रुपए का फटका देने के मूड में आईसीसी

MumbaiBoard of Control for Cricket in India और International Cricket Council पुराने कर के मामले को लेकर फिर आमने सामने आ गये हैं और वैश्विक संस्था ने बोर्ड के सालाना राजस्व को काटने की धमकी दे डाली है। BCCI ने ICC के राजस्व में कटौती करने की धमकी के बाद अब ब्रिटिश कानून मामलों की एक फर्म से संपर्क किया है। भारत में हुई आईसीसी की चैंपियनशिप में कर में छूट को लेकर यह मामला पिछले काफी समय से लंबित है। दिलचस्प है कि आईसीसी का नेतृत्व फिलहाल बीसीसीआई के ही पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर के हाथों में है।
2016 T-20 Worldcup का है मामला
आईसीसी की मांग है कि India में आयोजित हुए 2016 ट््वंटी 20 विश्वकप में उसे कर छूट मिलनी चाहिए थी जो नहीं मिली और इसकी जिम्मेदारी आयोजक बोर्ड बीसीसीआई की बनती है। वैश्विक संस्था ने धमकी दी है कि उसे इस टूर्नामेंट को कराने में जो वित्तीय नुकसान हुआ है वह उसकी भरपाई भारतीय बोर्ड के सालाना जारी होने वाले राजस्व में से करेगा।
COA को दी जानकारी
बीसीसीआई की कानूनी मामलों की टीम ने इसकी जानकारी बोर्ड का संचालन कर रही प्रशासकों की समिति (COA) को दे दी है। उसने भरोसा दिलाया है कि बोर्ड आईसीसी से उसके राजस्व कटौती नहीं करने को लेकर उचित कदम उठा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 के विश्वकप से पूर्व भारत में आयोजित सभी टूर्नामेंटों में आईसीसी को कर छूट प्राप्त हुई थी। भारतीय बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर बैठक के मिनट अपलोड किए हैं जिसके अनुसार आईसीसी ने इस नुकसान की भरपाई बीसीसीआई के सालाना राजस्व से करने की धमकी दी है।
10 फीसदी राशि काटने की धमकी
बोर्ड के अनुसार, वर्ष 2016 की चैंपियनशिप के अनुसार कर प्रशासन ने निर्देश दिये हैं कि आईसीसी के प्रसारणकर्ता चैनल से 10 फीसदी राशि Media Right करार के तहत काटे जा रहे हैं। बीसीसीआई ने लिखा, सीओए को हमने जानकारी दे दी है कि आईसीसी इस राशि को आईसीसी द्वारा सालाना बीसीसीआई को दिए जाने वाले राजस्व में से काटने का प्रयास कर रहा है ताकि इस नुकसान की भरपाई हो सके। इस बाबत सीओए ने बीसीसीआई की कानूनी मामलों की टीम को इंग्लिश फर्म से विचार विमर्श करने की सलाह दी है। 2016 के टी-20 विश्वकप की मे•ाबानी का संचालन इंग्लिश फर्म ने किया था।