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सावधान! भारत रत्न, पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण सहित अन्य राष्ट्रीय सम्मान के नाम पर चल रहा ठगी का खेल !

- फर्जी वेबसाइट के जरिए अवार्ड बेचने का खेल - लोगों से शुल्क लेकर बेचे जा रहे अवार्ड - अभी तक की सूची में 79 लोगों के नाम - 22 मार्च को दिल्ली में होगा समारोह - वेबसाइट का दावा वी आर एप्रुव्ड बाय द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Feb 12, 2025

मोहित शर्मा/जयपुर. अब आप देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न पैसे देकर खरीद सकते हैं। चौंक गए ना, लेकिन ये सच है। अब देश में ठगी का एक नया तरीका आया है। हालांकि देशभर में ठगी के नए-नए तरीके रोज सामने आ रहे हैं। अब तक भारत रत्न, पद्मश्री, पद्म विभूषण, पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान केवल भारत सरकार की ओर से ही प्रदान किए जाते थे, लेकिन अब ठगों ने इसकी भी फर्जी वेबसाइट बना ली है। इस वेबसाइट के जरिए लोग इन राष्ट्रीय सम्मानों को खरीद सकते हैं, वह भी बिना किसी प्रक्रिया के। हालांकि, सरकार ने इस फर्जीवाड़े को लेकर अलर्ट जारी किया है, लेकिन यह वेबसाइट अब भी सक्रिय है।

खास बात ये है कि इस वेबसाइट पर 79 लोगों की लिस्ट भी डाली गई है, जिन्हें यह सम्मान मिलेंगे। साथ ही 6 नेशनल अवार्ड की लिस्ट भी डाली है, जिसमें भारत रत्न, पद्मश्री, पद्म भूषण, भारत गौरव रत्न श्री, पदम विभूषण और पद्म श्री के नाम दिए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि अवार्ड सेरेमनी 22 मार्च को दिल्ली में होगी।

सरकार ने कहा- हम इसे नहीं जानते
इस वेबसाइट को लेकर सरकार ने लोगों को अलर्ट किया है, लेकिन अभी भी यह वेबसाइट चल रही है यानी इसे ब्लॉक नहीं किया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस वेबसाइट पर सबसे ऊपर लिखा हुआ है वी आर एप्रुव्ड बाय द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया। यानि इसे भारत सरकार ने प्रमाणित किया है। यह ठगी का एक नया तरीका है।

पीआईबी ने दी जानकारी
भारत सरकार के प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने एक फर्जी वेबसाइट 'https://brs.inc,' के खिलाफ चेतावनी जारी की है। यह वेबसाइट खुद को एक सरकारी मान्यता प्राप्त संगठन बताकर भारत रत्न, पदमश्री, पदम भूषण, भारत गौरव रत्न श्री, पदम विभूषण जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने का दावा कर रही थी।

अवार्ड के लिए मांग रहे शुल्क

पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने कहा है कि इसका भारत सरकार से कोई संबंध नहीं है। यह वेबसाइट न केवल सरकारी संगठन होने का झूठा दावा कर रही थी, बल्कि नामांकन के लिए शुल्क भी मांग रही थी, जो पूरी तरह से अवैध है। पीआईबी ने लोगों से इस प्रकार की धोखाधड़ी से सावधान रहने की अपील की और स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ओर से इन पुरस्कारों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि फर्जी वेबसाइट्स और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

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