
आयरलैंड में जन्मे इस बच्चे का बचपन आराम से बीता। पिता राजनीतिज्ञ थे। बचपन से ही इसे आउटडोर एक्टिविटी में मजा आता था। कम उम्र में ही क्लाइंबिंग और सेलिंग सीख ली थी। जब कॉलेज में प्रवेश लिया तो अपना पहला माउंटेनियरिंग क्लब बनाया। कॉलेज खत्म होने के बाद यह युवा न तो राजनीति में जाने का झच्छुक था और न ही ऐसी जॉब करना चाहता था, जिसमें रोज एक ही तरह का काम हो। तभी दिमाग में एमआईफाइव एक सिक्योरिटी सर्विस में अपना कॅरियर बनाने का विचार किया। इसके लिए स्पेनिश और जर्मन सीखना जरूरी था। इंग्लैंड की एक यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने के बाद दोस्तों के साथ ब्रिटिश आर्मी में आवेदन किया। इस दौरान मुश्किल सिलेेक्शन प्रोसेेस को क्लियर करने में सफल हुआ और तीन साल तक सेना के लिए काम किया।
हौंसलों ने दी मजबूती
दुर्घटना के महज 18 महनों बाद ही अपने मजबूत इरादों और हौंसलों से इस व्यक्ति ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढऩे के अपने बचपन के सपने को साकार किया। 23 साल की उम्र में वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के ब्रिटिश थे। इस व्यक्ति को आज पूरी दुनिया एक साहसकर्मी, लेखक और टेलीविजन प्रस्तोता के रूप में जानती है। यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि डिस्कवरी चैनल के मैन वर्सस वाइल्ड के जाने-माने प्रस्तुतकर्ता बेयर ग्रिल्स है। इस शो के दौरान बेयर ने सुनसान जंगलों, रेगिस्तानों, बर्फीले निर्जन स्थानों और बीहड़ों में जिंदा रहने की तकनीक बताई। वर्ष 2005 में बेयर ग्रिल्स ने अपने दो साथियों के साथ 7,600 मीटर की ऊंचाई पर गरम हवा के गुब्बारे के नीचे डिनर करके वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया था। उनकी जिंदगी में ऐसे कई एडवेंचर से भरे रिकॉर्ड दर्ज हैं।
Updated on:
17 Apr 2020 04:45 pm
Published on:
17 Apr 2020 04:13 pm
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