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Rajasthan : भजनलाल सरकार के लिए राहत की खबर, जल्द ही दूर होगा ये बड़ा संकट

प्रदेश के थर्मल पावर प्लांट में कोयले संकट दूर होगा। कोयला मंत्रालय इन प्लांट के लिए हर दिन कोयले की 24 से 25 रैक उपलब्ध कराएगा, जबकि अभी औसतन 16 रैक ही आ पा रही है। इससे कुछ यूनिट से बिजली उत्पादन ठप होने के आसार फिलहाल थमते नजर आ रहे हैं।

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जयपुर

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Kirti Verma

Jan 18, 2024

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Rajasthan News : प्रदेश के थर्मल पावर प्लांट में कोयले संकट दूर होगा। कोयला मंत्रालय इन प्लांट के लिए हर दिन कोयले की 24 से 25 रैक उपलब्ध कराएगा, जबकि अभी औसतन 16 रैक ही आ पा रही है। इससे कुछ यूनिट से बिजली उत्पादन ठप होने के आसार फिलहाल थमते नजर आ रहे हैं। केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के बीच बुधवार को दिल्ली में बैठक हुई।

इस दौरान जोशी ने अधिकारियों कहा कि- 'मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हमारे दोस्त हैं, इनकी मदद करनी है।' जोशी ने सीएम को आश्वस्त किया कि जब तक छत्तीसगढ़ में आवंटित खदान से कोयला मिलना शुरू नहीं हो जाता, तब तक राजस्थान में पावर प्लांट में अतिरिक्त कोयला भेजेंगे। इससे पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह से भी मुलाकात की। उनसे फिलहाल 1000 मेगावाट अतिरिक्त सस्ती बिजली सप्लाई की जरूरत जताई। साथ ही केन्द्र की विभिन्न योजनाओं पर भी बातचीत हुई। बैठक में कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव विस्मिता तेज, राजस्थान ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता भी शामिल हुए।

अब दिल्ली से आएगी एक्सपर्ट्स की टीम
राजस्थान लगातार कोयला और बिजली संकट से जूझ रहा है। इसका कारण पता करने से लेकर समाधान करने के लिए केन्द्र सरकार की टीम राजस्थान आएगी। ऊर्जा और कोयला मंत्रालय के विशेषज्ञ इस टीम में होंगे, जो बिजली उत्पादन, प्रसारण और वितरण के मौजूदा मैकेनिज्म की समीक्षा करेंगे।

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छत्तीसगढ़ से जल्द कोयला मिलने की जगी उम्मीद..
1. राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को छत्तीसगढ़ के परसा इस्ट कांता में खनन के लिए अतिरिक्त खदान दी गई है। 91 हेक्टेयर में से अभी केवल 26 हेक्टेयर जमीन सौंपी गई और उसमें भी खनन शुरू नहीं हो पा रहा है। यहां से हर वर्ष 15 मिलियन टन कोयला मिलने की राह जल्द खुलने की उम्मीद।

2. विद्युत उत्पादन निगम को कोयला परिवहन के लिए रेलवे की रैक्स की भी कमी से जूझना पड़ता है। रैक्स की अतिरिक्त व्यवस्था तथा रैक डायवर्जन कराने के लिए केन्द्रीय कोयला मंत्रालय के माध्यम से रेल मंत्रालय के स्तर पर समन्वय होगा।

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