
Rajasthan News : पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पीकेसी-ईआरसीपी) में देरी होने से राजस्थान की चिंता बढ़ रही है। राजस्थान तो काफी समय पहले ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंप चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश ने अभी तक अपना होमवर्क पूरा नहीं किया। इस लेकर राजस्थान सरकार ने केन्द्र को दखल देने की जरूरत जताई है। जल संसाधन विभाग के अफसरों ने कहा है कि समयबद्ध काम होना जरूरी है, नहीं तो प्राेजेक्ट की मियाद के साथ लागत भी बढ़ेगी। दरअसल, दोनों राज्यों की रिपोर्ट के आधार पर ही संयुक्त डीपीआर बनेगी और इसी आधार पर प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा। साथ ही प्राेजेक्ट लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा भी केन्द्र सरकार स्तर पर वहन करने के प्रस्ताव पर भी इसके बाद ही मुहर लग पाएगी।
फिर इस दावे का क्या?
दिल्ली में दोनों राज्य और जलशक्ति मंत्रालय के बीच एमओयू हुआ और उसके बाद दोनों राज्यों के जल संसाधन विभाग के अफसरों को निर्देश दिए गए कि डीपीआर तैयार करने का काम अगले एक माह में पूरा करें। केन्द्र और राज्य दोनों सरकार चाह रही थीं कि लाेकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले ही काम रफ्तार पकडे, लेकिन चुनाव के तीन चरण पूरे होने के बाद भी मध्यप्रदेश स्तर पर डीपीआर नहीं बन पाई।
प्रदेश में अभी तक यह काम हुआ
-नवनेरा बैराज- 86 प्रतिशत
-ईसरदा बांध- 75 प्रतिशत काम
किसके हिस्से कितना-पानी..
-3677 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी राजस्थान को मिलेगा
-2089 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मध्यप्रदेश के हिस्से आएगा
Published on:
12 May 2024 10:50 am
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