24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भजनलाल सरकार ने ‘वक्फ बिल’ को लेकर SC में याचिका की दाखिल, क्यों मांगी पक्षकार बनने की अनुमति? जानें

राजस्थान सरकार ने वक्फ (संसोधन) एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Lokendra Sainger

•

Updated: 13 Apr 2025, 8:57 PM IST

cm bhajanlal sharma

cm bhajanlal sharma

Waqf Bill On Bhajanlal Govt: राजस्थान सरकार ने वक्फ (संसोधन) एक्ट को लेकर बड़ा कदम उठाया है। देशभर में संशोधित वक्फ बिल को लेकर देशभर में बवाल के बीच भजनलाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है। जिसमें सरकार ने खुद को इन याचिकाओं में पक्षकार बनाने की अनुमति की मांग की है। गौरतलब है कि 16 अप्रैल को वक्फ (संसोधन) एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई होनी है।

सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने सरकार की कानूनी सलाह लेकर विस्तार से हस्तक्षेप का प्रारूप तैयार किया और दाखिल किया। इसमें सरकार का पक्ष है कि वह वक्फ संपत्तियों के प्रशासन की प्रमुख कार्यकारी इकाई है और इस अधिनियम में किए गए सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और भूमि विवादों की रोकथाम के उद्देश्य से किए गए हैं।

कानून धार्मिक स्वतंत्रता का नहीं करता उल्लंघन

राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि अधिनियम के जरिए किसी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित करने से पहले 90 दिन का सार्वजनिक नोटिस और आपत्ति की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है, जिससे आमजन के अधिकार सुरक्षित रह सकें। यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता या समानता के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता, जो कि असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है।

सरकार का इसके पीछे क्या है उद्देश्य?

राजस्थान सरकार एससी से अनुरोध किया है कि उसे विस्तृत हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी जाए, ताकि वह न्यायालय को तुलनात्मक कानूनी दृष्टिकोण, आंकड़ों और प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर मदद कर सके।

यह भी पढ़ें : राजस्थान में BJP चलाएगी ‘वक्फ सुधार जनजागरण’, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कमेटी की गठित; जानें कौन-कौन शामिल?