सीएमएचओ डॉ.आर एन यादव ने बताया कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पहले एडिट का ऑप्शन नहीं था। ऐसे में जिस उपचार के लिए मरीज का पैकेज बुक कर लिया जाता था, उसी पैकेज में अंत तक इलाज होता था। यही राशि स्वीकृत होती थी। अब यदि इलाज में बदलाव करना पड़ जाता है तो बदला हुआ पैकेज ही मान्य होगा। ज्यादातर सर्जन्स के साथ यह समस्या थी।