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रामगंज हिंसा: नि:शक्त बेटा भरत कमाकर लाता, तब बूढ़ी मां बनाती थी खाना, हादसे के बाद जेब से मिले थे सिर्फ 73 रुपए

तीन दिन तक बेटे की तलाश में भूखी-प्यासी भटकती रही बूढ़ी मां...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Sep 12, 2017

ramganj Curfew

जयपुर। बुजुर्ग मां ज्योति के लिए नि:शक्त बेटा भरत ही सबकुछ था। रामगंज में हुए उपद्रव के दौरान उसका यह एकमात्र सहारा छिन गया।सोमवार सुबह पुलिस ने फोन कर उसे एसएमएस के मुर्दाघर आकर शव देखने कहा, तो उसके पांवों तले से मानो जमीन खिसक गई। कुछ बोल ही नहीं पाई। भरत की बहन बबीता ने कहा, भरत सुबह ई-रिक्शा लेकर निकलता था, कुछ पैसे कमाकर शाम 4-5 बजे घर खाना खाने आता था। वह पैसे लाता, तब ही खाना बनता था। फिर ई-रिक्शा लेकर चला जाता और रात को आता था। दोनों किराए के मकान में रह रहे थे।


परिजनों का दावा है कि भरत के पास मोबाइल था, जो रविवार तक चालू था। चाचा नारायण दास ने बताया कि भरत के मोबाइल से उनके मोबाइल पर कई मिस्ड कॉल आई थीं। उन्होंने वापस कॉल किए फोन रिसीव करने के बावजूद सामने वाला कुछ नहीं बोला। फिर रविवार को फोन बंद हो गया।

इस बारे में ब्रह्मपुरी और रामगंज पुलिस को बताया था। पुलिस ने लोकेशन देखकर परिजन को बताया कि मोबाइल जामडोली क्षेत्र में चालू है। एसएमएस में भरत का शव रखवाने वाले सिपाही ने बताया कि भरत की जेब में ७३ रुपए मिले थे। उसके पास फोन नहीं था। पुलिस ने बताया कि मोबाइल की लोकेशन के जरिए पता लगाया जाएगा कि उसका उपयोग कौन कर रहा था।

रामगंज थाने में मिला था ई-रिक्शा
भरत की बहन ने बताया कि उपद्रव वाली रात को भरत के मोबाइल से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि यह मोबाइल जिस व्यक्ति का है, उसकी तबीयत खराब है। उसे अस्पताल भेजा है और ई-रिक्शा रामगंज थाने खड़ा है। अस्पताल पहुंचे तो भरत नहीं मिला। फिर रामगंज थाने पहुंचे तो पुलिस ने कहा कि कफ्र्यू लगा है, बाद में आना।

मुआवजे की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
राष्ट्रीय सिंधी समाज और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने दोपहर को एसएमएस मुर्दाघर पर आक्रोश प्रदर्शन किया और हत्या का आरोप लगाया। युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल लोहाना ने कहा कि वृद्ध मां की हालत खराब है, उसका गुजारा कैसे होगा।

जवाब दे सरकार
कांग्रेस की प्रदेश मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा ने कहा, रामगंज उपद्रव में निर्दोषों की जानें जाने की जिम्मेदारी लेने की बजाय भाजपा नेता कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा, उक्त उपद्रव के दौरान मारे गए दूसरे मृतक के बारे में सरकार जवाब दे। अर्चना, खाचरियावास व राजीव अरोड़ा आदि मुर्दाघर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मिले। खाचरियावास ने कहा, मृतक भरत की बहन ने बताया कि भरत के शरीर पर लाठियों के निशान हैं। मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।