
जयपुर। Jaipur Yojana Bhawan: सूचना प्रौद्योगिक विभाग के बेसमेंट में बनी अलमारी में मिले 2.31 करोड़ रुपए और एक किलो सोना डीओआईटी के संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश यादव का निकला। यह पैसा उसने करीब दो साल पहले रखा था। सचिवालय में मीडिया से जानकारी देने के बाद से ही पुलिस ने योजना विभाग के 50 से ज्यादा लोगों पर शिकंजा कस दिया था। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ शुरू की तो संयुक्त निदेशक भी उसमें शामिल था। लेकिन उसने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वेद प्रकाश यादव अलमारी से पैसे निकालते हुए दिखाई दिया।
इस पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि यह रुपए उसके है और उसने यह पैसे रिश्वत के रुप में इकट्ठे किए थे। पैसे किन जगहों से आए थे, पुलिस इसकी पड़ताल करने में जुटी हुई है। मामला रिश्वत से जुड़ा होने के कारण अब इसकी रिपोर्ट तैयार करके भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को भेजी जा रहा है। अब एसीबी इसकी तस्दीक करेगी कि इसने रिश्वत किन-किन लोगों से किस काम के बदले में ली है।
घर ले जाने के बजाय ऑफिस में कर रखे थे इकट्ठे:
वेद प्रकाश यादव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यह पैसे उसने अलग अलग लोगों से रिश्वत के रुप में इकट्ठे किए थे। यह पैसे उसने यहां इसलिए रखे थे कि घर पर पकड़े जाने का डर था। ऑफिस में यह पैसे सुरक्षित समझ कर रखे थे।
पुलिस ने झोटवाड़ा स्थित घर पर ली तलाशी:
वेद प्रकाश यादव डीओआईटी विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत है। उसकी पहली पोस्टिग सूचना सहायक के रुप में हुई थी। एक के बाद एक पदोन्नति मिलने के बाद वह यहां तक पहुंच गया। जब से उसने नौकरी की तब से वह स्टोर का ही चार्ज संभाल रखा था।
Published on:
20 May 2023 10:01 pm
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