फर्जीवाड़ा कोटा, नागौर, जोधपुर, जयपुर, सलूंबर, सवाईमाधोपुर, बूंदी, हनुमानगढ़, उदयपुर और बीकानेर सहित कई जगहों पर हुआ है। 2018 के बाद विभाग ने आदेश जारी किया कि वाहनों का रजिस्ट्रेशन किसी भी आरटीओ कार्यालय में करवाया जा सकता है। इसी का फायदा उठाकर जिस आरटीओ कार्यालय में नंबर का रिकॉर्ड था, वहां से नंबर को बैकलॉग कर यानी नंबर ऑनलाइन चढ़ाए। इसमें फर्जी दस्तावेज भी लगाए और इस नंबर को रजिस्ट्रेशन कराने का काम दूसरे जिलों में किया।