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जयपुर में ट्रैफिक पुलिस का नया ट्रायल बना मुसीबत, अचानक अल्बर्ट हॉल से SMS अस्पताल जाने का बदला रास्ता

Jaipur Route Diversion: जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर बिना पूर्व सूचना शुरू किए गए एक नए ट्रायल ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। अल्बर्ट हॉल से एसएमएस अस्पताल और धनवन्तरी मार्ग की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अब महज 400 कदम की दूरी तय करने के लिए करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।

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Jaipur Traffic Police Trial

जयपुर में ट्रैफिक पुलिस के रूट डायवर्जन में फंसी एंबूलेंस, पत्रिका फोटो

Jaipur Route Diversion: जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर बिना पूर्व सूचना शुरू किए गए एक नए ट्रायल ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। अल्बर्ट हॉल से एसएमएस अस्पताल और धनवन्तरी मार्ग की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अब महज 400 कदम की दूरी तय करने के लिए करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। यातायात पुलिस ने रविवार सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक इस ट्रायल को लागू किया, लेकिन इसकी पूर्व सूचना आम लोगों को नहीं दी गई।

जयपुर ट्रैफिक पुलिस की अचानक नई व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक असमंजस की स्थिति में दिखाई दिए और उन्हें लंबा रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। नई व्यवस्था के तहत अल्बर्ट हॉल से धनवन्तरी मार्ग की ओर सीधे जाने वाले वाहनों का रास्ता बंद कर दिया गया। अब वाहन चालकों को त्रिमूर्ति सर्कल से होकर नारायण सिंह सर्कल तक जाना पड़ रहा है और वहां से सूचना केंद्र के सामने वाले मार्ग से होते हुए धनवन्तरी पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में पहले जहां कुछ ही मिनटों में तय होने वाला सफर अब लंबा और खर्चीला हो गया है।

बिना सूचना लागू होने पर उठे सवाल

वाहन चालकों का कहना है कि यदि ट्रायल शुरू करना ही था तो इसकी पहले से सार्वजनिक घोषणा की जानी चाहिए थी। समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को जानकारी दी जाती तो उन्हें परेशानी नहीं होती। अचानक लागू किए गए ट्रायल के कारण कई लोगों को रास्ता बदलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अस्पताल जाने वाले सबसे ज्यादा परेशान

एसएमएस अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। अल्बर्ट हॉल और रामनिवास बाग क्षेत्र से अस्पताल की ओर जाने वाले लोगों को अब नए रूट के कारण अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि इसी रास्ते से एसएमएस के धन्वन्तरि आउटडोर की ओर रास्ता जाता है। जहां औसतन रोजाना करीब 10 हजार मरीज और उनके साथ 20 हजार परिजन पहुंचते हैं।

समय और ईंधन दोनों की बर्बादी

मानसरोवर निवासी सुंदर ने बताया कि उन्हें एसएमएस अस्पताल की ओर जाना था। पहले जहां यह दूरी कुछ सौ मीटर में पूरी हो जाती थी, वहीं अब उन्हें करीब तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। उनका कहना था कि ट्रैफिक सुधार के नाम पर आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एक वाहन चालक को प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी तो इससे समय के साथ-साथ ईंधन की खपत भी बढ़ेगी।

ट्रैफिक पुलिस बोली, जाम कम करने की कवायद

दूसरी ओर यातायात पुलिस का कहना है कि यह ट्रायल क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार धनवन्तरी मार्ग और उसके आसपास के हिस्सों में दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से कार्यालय समय और अस्पताल की व्यस्त अवधि में यहां यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मार्ग में बदलाव से वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और चौराहों पर लगने वाले जाम में कमी आएगी।