13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पापा ने कहा पढ़ाई पर फोकस करो, कोटा में 12वीं के छात्र ने खुद पर कैरोसिन उडेल लगा ली आग, 55 फीसदी जला

राजस्थान के कोटा में फिर एक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया है। वह दो महीने पहले ही NEET की तैयारी के लिए बिहार से आया था।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Amit Purohit

Jan 19, 2023

kota.jpg

प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के कोटा में बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी 12वी के छात्र 20 वर्षीय मयंक ने खुद पर कैरोसिन डाल लिया, जिससे वह 55 फीसदी झुलस गया। बताया गया है कि प्रिंटिंग का काम करने वाले उसके पिता उससे मिलने के लिए कोटा आए थे और उसे पढ़ाई पर फोकस करने के लिए कहा था। पिता वापस बिहार लौटने वाले थे कि स्टेशन पर ही पता चला कि मयंक झुलस गया है। मयंक ने पिता की बात से नाराज होकर खुद पर कैरोसिन उडेल लिया। उसका कमर से ऊपर का हिस्सा झुलस गया है, हालांकि स्थिति खतरे से बाहर है। पिता उसके ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसे वापस बिहार ले जा सकें।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोटा में 2022 से अब तक 22 छात्रों की मौत हो चुकी है। 2011 से अब तक करीब 121 की मौत हो चुकी है। बीतें दिनों जेईई-मेन्स परीक्षा की तैयारी कर रहे एक 17 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पिछले महीने, बिहार के दो छात्रों और एक मध्य प्रदेश के छात्र ने आत्महत्या कर ली थी।

कोचिंग फैक्ट्री भी कहे जाने वाले कोटा में परीक्षाओं की तैयारी वाले इस व्यवसाय का अनुमानित सालाना कारोबार 5,000 करोड़ रुपए है। दसवीं कक्षा के बाद देश भर से बड़ी संख्या में छात्र यहां पहुंचते हैं। बारहवीं कक्षा की तैयारी के अलावा जेईई और एनईईटी जैसी प्रवेश परीक्षाएं देने छात्र यहां आते हैं। कुछ छात्रों को यह तनावपूर्ण लगता है, खासकर इसलिए क्योंकि वे अपने परिवारों से दूर होते हैं।

ऐसे मामलों में हालिया उछाल ने राज्य सरकार को निजी शिक्षण संस्थानों को विनियमित करने के लिए एक प्रस्तावित कानून लाने को प्रेरित किया है। सरकार 23 जनवरी से राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजस्थान निजी शैक्षिक नियामक प्राधिकरण विधेयक 2022 पेश करने की योजना बना रही है। पिछले साल शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों और मनोवैज्ञानिकों की पांच सदस्यीय समिति द्वारा तैयार विधेयक में यह भी कहा गया है कि निजी कोचिंग संस्थानों में छात्रों का मार्गदर्शन करने और उन्हें तैयार करने में मदद करने के लिए करियर परामर्श सेल होना चाहिए। यह छात्रों को तनाव मुक्त करने और आत्महत्या के मामलों को रोकने और छात्रों और माता-पिता दोनों के लिए 24x7 हेल्पलाइन स्थापित करने के लिए अनिवार्य परामर्श सत्र का भी आह्वान करता है।

यह भी पढ़ें:
मदद करो सरकार ! फैक्ट्री में आए करंट से दस साल से कोमा में पड़ा मजदूर, सेवा करती पत्नी की भी टूट रही हिम्मत


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग