
Water supply department
जयपुर।
प्रदेश में जलदाय विभाग के अधीन चल रहे 15 हजार करोड के जल जीवन मिशन में अनियमितताओं पर जलदाय इंजिनियर्स पर गाज गिरना शुरू हो गई है। ठेका फर्म के द्वारा बिना अनुमति पानी की टंकी का निर्माण करने जैसी गंभीर अनियमिता पर मंगलवार को पहली गाज जयपुर जिला वृत ग्रामीण—तृतीय में तैनात अधिशाषी अभियंता योगेन्द्र सिंह,कनिष्ठ अभियंता दीपेश कुमार चौधरी व कनिष्ठ अभियंता युधिष्ठिर मीणा को एपीओ कर दिया है।
जल जीवन मिशन के के तहत दूद के 13 गांव व ढाणियों में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियां बननी थी। टंकी निर्माता फर्म ने बिना अनुमति के टंकी का निर्माण कर लिया। लेकिन एक्सीएन योगेन्द्र सिंह,सहायक अभियंता दीपेश कुमार चौधरी व युधिष्ठिर मीणा टंकी निर्माण तक चुप्पी साधे बैठे रहे। मामला जलदाय मंत्री बीडी कल्ला और अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत के पास पहुंचा। कई महीनों तक चली जांच में सामने आया कि फर्म ने तीनों इंजिनियर्स से मिलीभगत कर बिना अनुमति के ही टंकी का निर्माण कर लिया था।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तक भी पहुंचा। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने मुख्य अभियंता शहरी सीएम चौहान से इस पूरे मामले की जांच करवाई थी।
Published on:
08 Sept 2021 09:36 am
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