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राजस्थान में यहां बिजली से महंगा पेयजल कनेक्शन, पढ़ें पूरी खबर

Bisalpur Project: राजस्थान में एक तरफ तो जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र सरकार की मदद से जमकर पैसा बहाया जा रहा है और दूसरी तरफ लाखों उपभोक्ताओं को पेयजल का महंगा कनेक्शन देने की तैयारी की जा रही है। यह कारनामा कहीं और नहीं बल्कि राजधानी जयपुर के सबसे बड़े पृथ्वीराज नगर क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं के साथ होगी। जहां बिजली का कनेक्शन सत्ता है और पेयजल का कनेक्शन इतना महंगा होगा कि लोगों को पसीने छूट जाएंगे।

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विनोद सिंह चौहान
Bisalpur Project: राजस्थान में एक तरफ तो जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र सरकार की मदद से जमकर पैसा बहाया जा रहा है और दूसरी तरफ लाखों उपभोक्ताओं को पेयजल का महंगा कनेक्शन देने की तैयारी की जा रही है। यह कारनामा कहीं और नहीं बल्कि राजधानी जयपुर के सबसे बड़े पृथ्वीराज नगर क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं के साथ होगी। जहां बिजली का कनेक्शन सत्ता है और पेयजल का कनेक्शन इतना महंगा होगा कि लोगों को पसीने छूट जाएंगे। जलदाय विभाग पृथ्वीराज नगर में सहभागिता के तहत कनेक्शन देगा। हालाकि जयपुर में ही जगतपुरा, प्रतापनगर और महल रोड पर सहभागिता के तहत महंगे कनेक्शन देकर पेयजल प्रोजेक्ट का पूरा पैसा उपभोक्ताओं की जेब से वसूला जा रहा है।

1100 रुपए में मिलता रहा कनेक्शन
जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में जयपुर में दिए जा रहे पेयजल कनेक्शन मात्र 1100 रुपए में दिए जाते रहे हैं। इसमें 550 रुपए कनेक्शन और 550 रुपए सिक्योरिटी राशि के रूप में वसूले जाते रहे हैं। लेकिन अब प्रोजेक्ट का पैसा भी जनता के माथे ही आ रहा है। जलदाय विभाग का यह भी कहना है कि पहले चरण में बीसलपुर के 12 लाख लोगों को बीसलपुर का पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।

बहुमंजिला में ज्यादा देना होगा पैसा
पृथ्वीराज नगर में बसे लाखों लोगों को बीसलपुर का जल देने के लिए जलदाय विभाग के पेयजल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 563 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में जनसहभागिता से पेयजल कनेक्शन देने की बात की जा रही है। इसके तहत जनसहभागिता में कनेक्शन जारी किए जाएंगे। जलदाय विभाग प्रति वर्ग मीटर के तहत कनेक्शन जारी करेगा। इसमें भी बहुमंजिला इमारतों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं और भूतल पर जी+वन और उससे ऊपर की मंजिलों के लिए भी अलग नियम बनाए गए हैं।

कनेक्शन पर ही देनी होगी पूरी राशि
जलदाय विभाग का कहना है कि जब उपभोक्ता पहला कनेक्शन लेगा उस दौरान प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से पेयजल कनेक्शन का पैसा वसूला जाएगा। बड़ी बात यह है। उपभोक्ता को सारी राशि का भुगतान एक मुश्त करना होगा। उसके बाद यदि उस भूखंड पर अन्य कनेक्शन लिया जाता है तो किसी प्रकार का विकास शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

300 वर्ग मीटर तो यह जरूरी होगा
जलदाय विभाग की माने तो 300 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड पर निर्मित भवन में रूफ टाॅप वर्षा जल संचयन होने पर ही जल संबंध आवेदन स्वीकार किया जाएगा। इसके तहत पृथ्वीराज नगर में जो व्यक्ति 300 वर्ग मीटर के अधिक का मकान बनाकर रह रहा है तो उसे पहले रूफ टाॅप जल संचयन बनाना पड़ेगा, उसके बाद ही कनेक्शन दिया जा सकेगा।

अक्टूबर में पूरा होना है प्रोजेक्ट
जलदाय विभाग को पेयजल प्रोजेक्ट अक्टूबर, 2022 में ही पूरा करना है। जबकि अभी तक मात्र 45 प्रतिशत ही काम हो सका है। कहा जा रहा है कि अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन मौके पर काम की गति को देखरकर कहा जा सकता है कि पृथ्वीराज नगर के लोगों के पानी तो 2023 में ही मिल सकेगा। उसमें भी पृथ्वीराज नगर का कुछ इलाका छूट जाएगा, जिसे दूसरे प्रोजेक्ट के तहत पेयजल उपलब्ध कराने की बात की जा रही है।

यह राशि वसूली जा सकती है पृथ्वीराज नगर के वाशिंदों से पेयजल कनेक्शन के लिए
भूखंड के क्षेत्रफल के हिसाब से दिया जाएगा। कनेक्शन
भूखंड पर निर्मित जी+वन तक वसूला जाएगा विकास शुल्क
100 वर्ग मीटर तक ( प्रति वर्ग मीटर 75 रुपए)
101 से 200 वर्ग मीटर तक ( प्रति वर्ग मीटर 100 रुपए)
201 से 300 वर्ग मीटर तक ( प्रति वर्ग मीटर 125 रुपए)
301 से 400 वर्ग मीटर तक ( प्रति वर्ग मीटर 150 रुपए)
401 से अधिक वर्ग मीटर तक ( प्रति वर्ग मीटर 175 रुपए)

जी+वन से अधिक ऊंचाई पर (भूतल से 15 मीटर तक ऊंचाई की सीमा में) प्रति मंजिल दर रुपए
100 मीटर तक 2500
101 से 200 मीटर तक 5000
201 से 300 मीटर तक 7500
301 से 400 मीटर तक 10000
401 से अधिक मीटर तक 12500

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जिल प्रकार जयपुर में जगतरपुरा और प्रतापनगर में जनसहभागिता के तहत पेयजल कनेक्शन जारी किए गए हैं। उसी प्रकार पृथ्वीराज नगर में भी कनेक्शन जारी किए जाएंगे। प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से कनेक्शन राशि वसूली जाएगी। यहां भी बहुमंजिला इमारतों में कनेक्शन की अलग दर रखी जा सकती है।
-अजय सिंह, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग जयपुर।


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