29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jaipur Driving Licenses : जयपुर में ड्राइविंग लाइसेंस की नई व्यवस्था, जगतपुरा आरटीओ में बदल गई पूरी प्रक्रिया

Jaipur Driving Licenses : जयपुर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की नई व्यवस्था शुरू हुई है। नई व्यवस्था के डर की वजह से लाइसेंस बनवाने वाले अब जगतपुरा आरटीओ की जगह विद्याधर नगर आरटीओ जा रहे हैं। जानें क्या है मामला।

2 min read
Google source verification
Jaipur driving licenses New system Jagatpura RTO changed entire process Automated Driving Trial Track

फोटो पत्रिका

Jaipur Driving Licenses : जयपुर के जगतपुरा आरटीओ कार्यालय में ऑटोमैटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक शुरू होते ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। नई व्यवस्था का असर भी दिखने लगा है। बीते तीन दिनों में महज 40 लोगों ने ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया और सिर्फ तीन अभ्यर्थी ही सफल हो पाए। ऑटोमैटेड ट्रायल के डर से लोग पीछे हटने लगे हैं।

कई राज्यों में पहले ही लागू ऑटोमैटेड ड्राइविंग ट्रायल सिस्टम में पास करने का औसत 20 से 25 प्रतिशत रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब लाइसेंस केवल ऑटोमैटेड ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद ही जारी किए जा रहे हैं। इस ट्रैक पर वाहन की गति, संतुलन, संकेतों का पालन और ड्राइविंग कौशल को सेंसर और कैमरों से परखा जाता है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म हो जाती है।

विद्याधर नगर में मैनुअल प्रणाली

दलालों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है, लेकिन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। वजह यह है कि जयपुर शहर के दूसरे आरटीओ कार्यालय विद्याधर नगर में अभी भी ड्राइविंग लाइसेंस पुराने मैनुअल सिस्टम से ही जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में ऑटोमैटेड ट्रायल से बचने के लिए आवेदक जगतपुरा की बजाय विद्याधर नगर आरटीओ का रुख कर रहे हैं। इससे परिवहन विभाग की लाइसेंस प्रणाली की पारदर्शिता और एकरूपता पर सवाल उठ रहा है।

आरटीओ का पत्र, एक व्यवस्था की मांग

इस स्थिति को गंभीर मानते हुए आरटीओ प्रथम राजेन्द्र सिंह शेखावत ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर मांग की है कि जयपुर जिले के सभी ड्राइविंग लाइसेंस केवल जगतपुरा आरटीओ कार्यालय से ही जारी किए जाएं।

सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी ऑटोमैटेड ट्रायल

परिवहन और सड़क सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमैटेड ट्रायल सिस्टम समय की जरूरत है। जिसमें निष्पक्ष और नियमों के अनुसार मूल्यांकन होता है।

राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी
: https://bit.ly/4bg81fl

Story Loader