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राजस्थान उपचुनाव में 7 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस ने 76 नेताओं को किया तैनात, इनमें डिप्टी सीएम सहित 12 मंत्री शामिल

राजस्थान उपचुनाव में बाजी मारने को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने 7 सीटों पर 76 नेताओं को तैनात किया है। कांग्रेस ने सबसे अधिक करीब 42 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।

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BJP-Congress deployed 76 leaders on 7 seats in Rajasthan by-election

जयपुर। विधानसभा चुनाव में बाजी मारने को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है। दोनों दलों के बड़े नेता सभी विधानसभा क्षेत्रों की मॉनिटरिंग के साथ ही दौरे करने में जुट गए हैं। भाजपा से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ ही प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल और अध्यक्ष मदन राठौड़ लगातार दौरे कर रहे हैं।

वहीं, कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली ने दौरे तेज कर दिए हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के भी दौरे होंगे। माना जा रहा है कि परिणाम का असर इन बड़े नेताओं के कद पर भी पड़ेगा। भाजपा ने जमीनी स्तर पर रणनीति बनाने और प्रचार-प्रसार को लेकर विधानसभावार 34 नेताओं को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने करीब 42 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने इसमें जातिगत समीकरणों को भी ध्यान में रखा है।

बीजेपी ने सीटवार इन नेताओं को दी गई जिम्मेदारी

दौसा: यहां पर डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा, भाजपा प्रत्याशी के भाई और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, प्रदेश मंत्री अजीत मांडन और भूपेन्द्र सैनी को चुनाव प्रभारी लगाया है।

झुंझुनूं: खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, विधायक गोवर्धन वर्मा, प्रदेश मंत्री विजेन्द्र पूनिया को जिम्मेदारी दी गई है।

देवली-उनियारा: पार्टी ने यहां जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, सांसद दामोदर अग्रवाल, जिला प्रभारी वंशीलाल खटीक को चुनाव प्रभारी बनाया है।

खींवसर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंचारिया, प्रदेश प्रवक्ता अशोक सैनी चुनावी कमान संभाल रहे हैं।

चौरासी: जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद चुन्नीलाल गरासिया, विधायक श्रीचंद कृपलानी, जिला अध्यक्ष हरीश पाटीदार, पूर्व मंत्री महेन्द्र जीत सिंह मालवीय, प्रदेश मंत्री मिथलेश गौतम को यहां का चुनाव संभालने को कहा गया है।

सलूम्बर: राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक श्रीचंद कृपलानी, ताराचंद जैन, जिला अध्यक्ष मान सिंह बारहठ, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा यह सीट संभाल रहे हैं।

रामगढ़: सहकारिता मंत्री गौतम दक, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, प्रदेश मंत्री महेन्द्र कुमावत, मुकेश गोयल को चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है।

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सीटवार कांग्रेस के ये नेता संभालेंगे कमान

दौसा: वरिष्ठ पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, विधायक रफीक खान, डूंगर राम गेदर, वरिष्ठ नेता महेंद्र गहलोत, द्रोपती कोहली, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश खंडेलवाल और महासचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज।

झुंझुनू: वरिष्ठ पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल, विधायक हाकम अली, अनिल शर्मा, अमित चाचान, हाकम अली, हेमसिंह शेखावत, प्रदेश उपाध्यक्ष नसीम अख्तर, महासचिव रामसिंह कस्बा।

रामगढ़: वरिष्ठ पर्यवेक्षक सांसद भजनलाल जाटव, विधायक रोहित बोहरा, रूपिन्दर सिंह कुन्नर, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश खंडेलवाल, महासचिव जसवंत गुर्जर, धर्मेंद्र राठौड़, विकास चौधरी।

देवली-उनियारा: वरिष्ठ पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, विधायक प्रशांत शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी, करण सिंह उचियारड़ा, राखी गौतम, किशन लाल।

खींवसर: वरिष्ठ पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना, विधायक मनोज मेघवाल, पूसाराम गोदारा, प्रदेश उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी, जगदीश जांगिड़, अभिषेक चौधरी, गजेंद्र सांखला

चौरासी: वरिष्ठ पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई, मांगीलाल गरासिया, पूर्व विधायक पुष्कर लाल डांगी, चेतन पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष हंगामीलाल मेवाड़ा, महासचिव गोपाल कृष्ण शर्मा, जगदीश श्रीमाली।

सलूंबर: वरिष्ठ पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री अशोक चांदना, विधायक रतन देवासी, अर्जुन बामनिया, रामलाल मीणा, प्रदेश महासचिव राजेंद्र मूड, प्रमोद सिसोदिया, प्रेम कुमार पाटीदार।

उल्लेखनीय है प्रदेश में 7 सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर तक थी। जांच 28 अक्टूबर तक होगी तथा 30 अक्टूबर तक नाम वापसी हो सकेगी। मतदान 13 नवंबर को एवं मतगणना 23 नवंबर को होगी। निर्वाचन विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं आचार संहिता को देखते हुए प्रशासन सारी व्यवस्थाओं में जुटा है। किसी भी शिकायत के आने के बाद तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

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