
Satish Poonia
जयपुर। अलवर मामले को लेकर सरकार और पुलिस की ओर से नए तथ्य बताने के बाद सियासत गरमा गई है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने इस मामले की अब सीबीआई से जांच की मांग उठाई है। पूनिया ने आज अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार का ये यू टर्न पंजाब और उत्तरप्रदेश में चुनाव में पार्टी की किरकिरी से बचने के लिए किया गया है। पुनिया ने कहा कि हमें अब सरकार और पुलिस पर भरोसा नहीं है और इसलिए इस मामले को अब सीबीआई के सुपुर्द किया जाना चाहिए।
भाजपा का प्रदर्शन— भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा हैं कि इस पूरे घटनाक्रम की तत्काल निरपेक्ष जांच की मांग को लेकर भाजपा 17 एवं 18 जनवरी को प्रदेश के सभी मंडलों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी और सरकार जब तक इसे सीबीआई को सुपुर्द नहीं करती है तब तक ये विरोध जारी रहेगा। उन्होंने मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि अलवर में मंगलवार की रात को नाबालिग के साथ हुई घटना के संदर्भ में एसआईटी की रिपोर्ट आए बिना अलवर पुलिस की ओर से दुष्कर्म जैसी किसी भी घटना से इंकार कर दुर्घटना बताया जाना राज्य सरकार की नीयत और नाकामी पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सीएम अशोक गहलोत ने तीन साल में सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता की है। उन्हें राजस्थान की जनता से कोई मतलब नहीं है। पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार मामले की जांच से क्यों बच रही है, अपराधियों को क्यों बचा रही है? क्या पंजाब और यूपी के चुनाव के कारण कांग्रेस सरकार बदनामी से डरकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रियंका गांधी के जन्मदिन में खलल के बाद कांग्रेस सरकार ने उनके इशारे पर इस मामले को दबाने की कोशिश की है?
उन्होंने कहा कि राजस्थान में बढ़ते अपराध खासतौर पर महिलाओं एवं दलितों के प्रति बढ़ते अपराधों से कांग्रेस के मैनेजर चिंतित हैं और इस वजह से राज्य सरकार पुलिस पर दबाव डालकर मामले को अनुचित तरीके से दबाने की कोशिश कर रही है? उन्होंने पूछा कि डाक्टरों की प्रारंभिक राय क्या थी? पीड़िता के परिवार को मुआवज़ा किस बात का दिया गया? भाजपा इस पूरे घटनाक्रम की तत्काल सीबीआई से जांच की मांग करती है।
Updated on:
15 Jan 2022 02:01 pm
Published on:
15 Jan 2022 12:31 pm
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