Rajasthan Election 2023: सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के सामने उन्हीं की जाति के सांसदों को चुनाव मैदान में उतार सकती है
जयपुर। भाजपा ने जिन 19 सीटों को अति कमजोर माना है। उन सीटों पर पार्टी बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतार सकती है। इन नेताओं में सांसद भी हैं तो कुछ लोकप्रिय चेहरे भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ कुछ मजबूत चेहरों को विधानसभा चुनाव लड़वाने पर मंथन कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने सरदारपुरा सीट पर भाजपा केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत या राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत को चुनाव लड़वा सकती है। ऐसा कर पार्टी जातिगत समीकरण साधने की कोशिश करेगी।
इसी तरह राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को टोडाभीम, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ सीट में से किसी एक पर चुनाव लड़वा सकती है। झुंझुनूं से लोकसभा सांसद नरेन्द्र खींचड़ को नवलगढ़ या फिर मंडावा से चुनाव लड़वाया जा सकता है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विधायक गोविन्द सिंह डोटासरा के सामने भाजपा लक्ष्मणगढ सीट से सांसद सुमेधानन्द या फिर पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया को चुनाव लड़वाने पर विचार कर रही है।
भाजपा यह सीट लगातार तीन बार से हार रही है। इसी तरह एक सीट दातारामगढ भी भाजपा के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यहां से सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रह चुके प्रेम सिंह बाजौर को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। ये सीट कई चुनावों से भाजपा नहीं जीत पा रही है। यहां जातिगत समीकरण बदल कर पार्टी चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। इसी तरह कोटपूतली सीट पर दो सांसदों को चुनाव लड़वाने पर विचार किया जा रहा है। इनमें जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और टोंक-सवाईमाधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।