
जयपुर ।
प्रदेश में एक माह बाद होने जा रहे rajasthan assembly election 2018 में प्रदेश भाजपा पूरी तरह से हिंदुत्व का कार्ड खेलने के मूड में है। रविवार को रात जारी हुई भाजपा के 131 प्रत्याशियों की सूची में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया गया। हैरत की बात तो यह है कि भाजपा के टिकट पर नागौर से लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाले हबीबुर्रहमान का टिकट पार्टी ने काट कर नागौर से किसी अन्य को मैदान में उतारा है।
वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खासमखास और सरकार में सबसे ताकतवर मंत्री यूनुस खान का नाम भी पहली सूची में घोषित नहीं हुआ जो राजनीतिक गलियारों के साथ ही नौकरशाहों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। युनूस खान को टिकट मिलेगा या नहीं इस पर अभी संशय बरकरार है।
हालांकि जानकारों की माने तो युनूस खान को टिकट दिलवाने के लिए पार्टी मुख्यमंत्री राजे पूरा जोर लगाए हुए हैं। जानकारों की माने तो पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व कार्ड खेलते हुए एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव मैदान में नहीं उतारा था, अब पार्टी हिंदुत्व के फॉर्मूले का राजस्थान में भी प्रयोग कर रही है।
2013 में दिए थे चार टिकट 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने चार सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था, जिनमें से 2 प्रत्याशी हारे थे और दो प्रत्याशियों को जीत मिली थी। इनमें धौलपुर, डीडवाना और नागौर है। वहीं कांग्रेस से 16 मुस्लिम प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था, जहां कांग्रेस के सभी 16 प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था।
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Published on:
12 Nov 2018 10:57 am
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