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BJP विधायक का सवाल- गरीबों को सस्ती चीनी मिलेगी या नहीं? मंत्री सुमित गोदारा का गोलमोल जवाब…स्पीकर ने किया बचाव

Rajasthan Assembly Budget Session: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को सत्ता पक्ष के विधायक ही अपनी सरकार से जवाब मांगते नजर आए।

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BJP MLA Kalicharan Saraf and minister Sumit Godara

Rajasthan Assembly Budget Session: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को सत्ता पक्ष के विधायक ही अपनी सरकार से जवाब मांगते नजर आए। विपक्ष की गैरमौजूदगी में विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली, लेकिन भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने प्रश्नकाल के दौरान अपनी ही सरकार को घेर लिया। इस सवाल पर विधायक कालीचरण सराफ और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के बीच बहस भी हुई।

उन्होंने अंत्योदय परिवारों को उचित मूल्य की दुकानों पर सस्ती चीनी वितरण को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा से सीधा सवाल किया, जिससे मंत्री असहज नजर आए।

BJP विधायक का मंत्री से तीखा सवाल

मालवीय नगर से भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ ने सरकार से पूछा कि पिछली सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर 18 रुपए किलो मिलने वाली चीनी बंद कर दी थी, जिससे 6 लाख से ज्यादा अंत्योदय परिवार अब 42-43 रुपए किलो की दर से महंगी चीनी खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने सीधा सवाल किया- क्या सरकार इस योजना को फिर से शुरू करेगी? यदि हां, तो कब? और अगर नहीं करेगी तो क्यों?

जवाब देते समय असहज दिखे मंत्री

इस सवाल पर खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने लंबा-चौड़ा जवाब दिया, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि 2021 में चीनी आवंटन का आदेश जारी हुआ था, लेकिन उसके बाद कोई नया आदेश नहीं आया। वर्तमान में उचित मूल्य की दुकानों पर चीनी वितरण की कोई योजना विचाराधीन नहीं है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना के तहत चीनी उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, मंत्री का यह जवाब विधायक सराफ को संतुष्ट नहीं कर सका।

विधायक ने तीन बार पूछा सवाल

जब मंत्री गोदारा का जवाब स्पष्ट नहीं था, तो विधायक सर्राफ ने दोबारा वही सवाल दोहराया। लेकिन मंत्री फिर से सटीक उत्तर देने के बजाय नीतियों और योजनाओं का लंबा विवरण देने लगे। तीसरी बार जब सर्राफ ने वही सवाल पूछा, तो मंत्री थोड़े असहज, थोड़े खीजे हुए और थोड़े अनुत्तरित नजर आए।

स्पीकर को करना पड़ा बचाव

इस स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मंत्री गोदारा के बचाव में आ गए। उन्होंने कहा कि "विचार करेंगे, विचार करेंगे" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए स्थिति संभालने की कोशिश की। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि सत्ता पक्ष में ही कई विधायक अपनी सरकार के कामकाज से असंतुष्ट हैं और अपनी ही सरकार को जवाबदेह बना रहे हैं।

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