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भाजपा बोली, सीएम गहलोत बिछा रहे हैं इस संगठन के लिए रेड कार्पेट, भाजयुमो करेगा आंदोलन

राज्य की गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की ओर से आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था सहित कई मुद्दों को लेकर आंदोलन किए जाएंगे।

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जयपुर

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Rahul Singh

Apr 13, 2022

jaipur

बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या

जयपुर। राज्य की गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की ओर से आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था सहित कई मुद्दों को लेकर आंदोलन किए जाएंगे।

बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेंगलुरु साउथ सीट से लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या ने आज जयपुर आने के बाद मीडिया से बातचीत में गहलोत सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया और ये भी कहा कि बिहार में पहले लालू प्रसाद यादव के जंगलराज के बारे में बहुत सुना था और आज हम अशोक गहलोत के जंगलराज को वास्तविकता में देख रहे हैं। पिछले दिनों करौली में जो हिंसा हुई, उसके पीड़ितों की स्थिति खराब है और नौजवान अस्पताल के बिस्तर पर पड़े हुए हैं। इन सबके लिए गहलोत सरकार जिम्मेदार है। बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने आज सवेरे जयपुर के एसएमएस अस्पताल जाकर करौली हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की और उनके हाल जाने। सूर्या ने कहा कि उन्होंने वहां बाडी विधायक की मारपीट के शिकार पीड़ित एईएन हर्ष से भी बात की है। कई दिन बाद भी उनका आपरेशन इसलिए नहीं हो पा रहा कि वो अभी स्थिर नहीं है।
सूर्या ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक तो जानवर की तरह बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जंगलराज हैं और भाजयुमो इसके खिलाफ आंदोलन चलाएगा। धरने प्रदर्शन करके सरकार की पोल खोलेंगे।

पूनिया और सूर्या को हिरासत में लेना गलत—
राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार वोट बैंक के खातिर इस संगठन के लिए रेड कार्पेट बिछा रही है जिससे सरकार व दंगाइयों का गठजोड़ सुस्पष्ट है। राठौड़ ने ट्वीट कर कहा कि करौली हिंसा पीड़ितों से मिलने जा रहे भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां को पुलिस की ओर से जबरन रोकना व हिरासत में लेना दुर्भाग्यपूर्ण व संवैधानिक अधिकारों का हनन है। संविधान हमें स्वतंत्रतापूर्वक अभिव्यक्ति का अधिकार देता है।

राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि अलग-अलग वीडियों में पुलिस के प्रश्रय से दंगाइयों के पथराव-आगजनी से सुनियोजित षड्यंत्र की तस्वीर साफ हो रही है। जिन लोगों की दुकानें,मकानों व वाहनों को आग लगाई गई, जिन्हें चोटें आई, सरकार के दबाव से पुलिस उनकी एफआईआर दर्ज नहीं करके दंगाइयों का सीधा साथ देने में लगी है।

राठौड़ ने कहा कि करौली हिंसा से पूर्व कोटा, बीकानेर, बारां व झालावाड़ जैसे अन्य जिलों में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की घटनाओं में कट्टरवादी संगठन पीएफआई की संलिप्तता सामने आई है।