
जयपुर. एनएसयूआई से बागी हुए छात्र नेता दुष्यंतराज सिंह चूण्डावत ने संगठन पर 65 लाख रुपए में अध्यक्ष का टिकिट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि बतौर सक्रिय कार्यकर्ता उनका टिकिट फाइनल हो गया था, लेकिन संगठन पर धनबल हावी हो गया। इसमें संगठन के प्रदेशाध्यक्ष से लेकर अन्य पदाधिकारियों की मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। चूण्डावत ने प्रेसवार्ता में बताया कि संगठन ने उस छात्र को टिकिट दे दिया, जिसका केवल डेढ़ माह पहले एडमिशन हुआ है। यह तर्क देते हुए टिकिट काट दिया गया कि उनके उपर प्रेशर है कि यहां सामान्य वर्ग को टिकिट नहीं दे सकते। जबकि, वे वर्ष 2012 से कार्यकर्ता हैं, लेकिन उन पर भरोसा नहीं जताया गया। इसमें संगठन के प्रदेशाध्यक्ष से लेकर केन्द्रीय कमेटी के पदाधिकारियों तक की मिलीभगत है।