17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Grace Marks देकर पास करने से बोर्ड ने किया इंकार

सीबीएसई बोर्ड का कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द करने से इंकारपरीक्षा आयोजित करेगा सीबीएसई12वीं के 87 हजार 651 स्टूडेंट्स के आई है कंपार्टमेंट10वीं के एक लाख 50 हजार 198 स्टूडेंट्स को देनी है कंपार्टमेंट परीक्षा

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rakhi Hajela

Aug 07, 2020

Grace Marks  देकर पास करने से बोर्ड ने किया इंकार

Grace Marks देकर पास करने से बोर्ड ने किया इंकार

सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द करने से इंकार कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि कंपार्टमेंट परीक्षा को रद्द नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह फैसला बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के भविष्य को प्रभावित करेगा। सीबीएसई ने ग्रेस माक्र्स देकर छात्रों को पास करने से इनकार कर दिया है। बोर्ड की मानें तो जो छात्र एक और दो विषय में फेल हैं, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी ही होगी। बोर्ड ग्रेस अंक नहीं देगा।
जानकारी के मुताबिक स्टूडेंट्स की ओर से लगातार कंपार्टमेंट परीक्षा को रद्द किए जाने की मांग की जा रही थी। स्टूडेंट्स मांग कर रहे थे कि कोविड.19 संक्रमण के दौरान कंपार्टमेट परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए लेकिन सीबीएसई का कहना है कि गृह मंत्रालय की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करके कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित करेगा।
जल्द होगा परीक्षा की तारीख का एलान
सीबीएसई बोर्ड ने कहा है कि देश भर से प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार किया गया था, लेकिन कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द होने की स्थिति में बड़ी संख्या में छात्रों का भविष्य दांव पर है, यही वजह है कि यह कदम उठाना सही नहीं होगा। बोर्ड ने कहा कि स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा सूचनाएं और अपडेट देख सकते हैं। परीक्षा के आयोजन की तारीख जल्द घोषित कर दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक 12वीं कक्षा के 87 हजार 651 और 10वीं कक्षा के एक लाख 50 हजार 198 स्टूडेंट्स को कंपार्टमेंट परीक्षा देनी है।
कोरोना के कारण नहीं हो सकी परीक्षा
बोर्ड कंपार्टमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद जुलाई में करवा लेता है लेकिन इस साल मार्च में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पहले 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। इसके बाद जब दोबारा परीक्षाएं कराने के लिए शेड्यूल जारी किया तो छात्रों और अभिभावकों ने कोरोना के दौर में खतरे को देखते हुए परीक्षाएं रद्द करने की मांग की और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। इसके बाद कोर्ट में सीबीएसई ने बिना परीक्षा कराए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में जारी किया है।