
' सिंध का स्वतंत्रता आंदोलन' में योगदान पुस्तक का विमोचन
' सिंध का स्वतंत्रता आंदोलन' में योगदान पुस्तक का विमोचन
जयपुर। देश के स्वतंत्रता संग्राम में हर भारतीय का योगदान रहा है। सिन्ध प्रदेश भी इससे अछूता नहीं रहा। सिन्धवासियों ने स्वतंत्रता के प्रत्येक आन्दोलन में बढ़चढ़ कर भाग लिया था। जिसका उल्लेख सिन्धी साहित्य की पुस्तकों में सिन्धी भाषा में उपलब्ध है। सिन्ध के स्वतंत्रता आन्दोलन में दिए गए योगदान को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की दृष्टि से राजस्थान सिन्धी अकादमी ने 'सिन्ध का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान स्वराज सिन्धू-75' शीर्षक के तहत प्रकाशन करवाया गया है।
इस पुस्तक का विमोचन राज्यपाल कलराज मिश्र नेे राजभवन में किया। इस पुस्तक में भारत के विभिन्न प्रदेशों में रहने वाले लेखकों द्वारा हिन्दी में आलेख तैयार किए गए हैं। इनमें सिन्ध के स्वर्णिम इतिहास, सिन्धी वीरों, महिलाओं, सन्तों, आर्य समाज, युवाओं के योगदान के साथ.साथ सिन्ध के शूरवीर शहीद हेमूं कालाणी, संत कंवरराम के जीवन पर विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके साथ-साथ स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान अंग्रेजों द्वारा प्रतिबंधित किए गए साहित्य का भी उल्लेख किया गया है। पुस्तक का सम्पादन अजमेर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.सुरेश बबलानी ने किया है।
रक्तदान शिविर में एकत्रित हुआ 68 यूनिट ब्लड
जयपुर
जेके समूह की ओर से समूह संस्थापक हरिशंकर सिंघानियां की याद में उनके 89वें जन्मोत्सव पर सोमवार को रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के हेल्थ सेंटर में आयोजित हुए इस शिविर में सुबह दस से चार बजे तक बडी संख्या में समूह के लोगए स्टूडेंट्स, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन ने भाग लिया। शिविर के संयोजन कर रहे यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो.धीरज सांघी ने बताया कि इस दिन को एक समारोह के रूप में मनाने के लिए रक्तदान शिविर गया है। जिसमें 68 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर समूह से जुड़े बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
Published on:
20 Jun 2022 06:31 pm
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