राजधानी जयपुर में एकबार फिर ब्राह्मण समाज ने शक्ति प्रदर्शन किया। ब्राह्मण महासंगम में बॉलीवुड की हस्तियां, राजनेता और संत-महंत एक साथ मंच पर नजर आए। सात समंदर पार से भी लोगों ने शिरकत की। महासंगम से पहले गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकली गई।
जयपुर। गुलाबी शहर आज पीत रंग में रंगा नजर आया। अपने हकों के लिए चुनावी साल में राजधानी जयपुर में एकबार फिर ब्राह्मण समाज ने शक्ति प्रदर्शन कर एकता का परिचय दिया। ब्राह्मणों को सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए रामनिवास बाग में ब्राह्मण महासंगम का आयोजन हो रहा है, जिसमें दुनियाभर से ब्राह्मण समाज के लोगों ने शिरकत की। महासंगम में बॉलीवुड की हस्तियां, राजनेता और संत-महंत एक साथ मंच पर नजर आए। सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि सामाजिक संचेतना पैदा करने और अपने हकों के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए ब्राह्मण समाज एकजुट हुआ है।
महांसगम से पहले सुबह गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा रवाना हुई। कलश यात्रा के दौरान परकोटा भगवान परशुरामजी के जयकारों से गूंज उठा। कलश यात्रा त्रिपोलिया गेट होते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। इस दौरान महिलाएं एक ही रंग के परिधान में नजर आईं। कार्यक्रम स्थल पर भगवान परशुरामजी की महाआरती की गई। इसके बाद स्वस्तिवाचन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। महासभा के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि महासंगम में श्रीनाथजी मंदिर के महंत विशाल बाबा, सालासर मंदिर के रविशंकर पुजारी, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर महंत नरेश पुरी महाराज, गोविंददेवजी मंदिर महंत अंजनकुमार गोस्वामी सहित प्रमुख मंदिरों के संत-महंत शामिल हो रहे हैं।
दो लाख से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था
महासभा के अध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि दो लाख से अधिक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जा रही है। दुनियाभर के आठ देश यूके, अमरीका, यूएई, दुबई, इटली, कनाडा, नेपाल, सिंगापुर के लोग हिस्सा ले रहे हैं। राजस्थान एसोसिएशन यूके लंदन से आलोक शर्मा, अमरीका के सीनेटर इन्द्रजीत शर्मा, इंडो कनाडा एसोसिएशन के चेयरमैन एवं सांसद आजाद कौशिक सहित कई देशों व प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों से समाजजन कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं।
महासंगम में उठाईं ये मांगें
— आर्थिक आधार पर 14 प्रतिशत आरक्षण
— भगवान परशुराम विश्वविद्यालय की स्थापना
— भगवान परशुराम जी की 111 फीट प्रतिमा की स्थापना
— प्रत्येक जिले में गुरुकुल की स्थापना कर वैदिक संस्कृति को बढ़ाया जाए
— ईडब्ल्यूएस आरक्षण में हो रही विसंगतियों को दूर किया जाए
— ब्राह्मण आरक्षण आंदोलन के समय लगाए गए मुकदमे वापिस हो
— पुजारी प्रोटेक्शन बिल पारित हो
— हर जिले में ब्राह्मण बालिकाओं के लिए छात्रावास की स्थापना हो
— विधानसभा चुनाव में प्रमुख दल कम से कम 35 टिकट और लोकसभा में कम से कम 5 टिकट दिए जाए
— पंचायत चुनाव में आर्थिक आधार पर राजनीतिक आरक्षण हो
— किसी भी जाति के लिए अपमानजनक शब्दों पर पाबंदी हो
— ईडब्ल्यूएस आरक्षण में आय सीमा 8 लाख की जगह 12 लाख की जाए