
सामाजिक कुरीति तोड़ी, बेटी के सिर बंधी पिता की पगड़ी
जयपुर। राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लालरपुरा गांव में सामाजिक कुरीतियों को तोड़ते हुए शुक्रवार को नई पहल शुरू हुई। इसमें पिता नान्छी लाल चौपड़ा की मौत के बाद बेटी कृष्णा को पगड़ी (daughter's turban ceremony) बांधी गई। पिता के निधन के बाद बारहवें पर पगड़ी की रस्म निभाकर समाज में मिसाल पेश की। परिवार में चचेरे भाईयों की भी यही इच्छी थी कि कृष्णा ही पगड़ी की रस्म निभाए। बेटी कृष्णा ने बताया कि आज के समय पर बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। बेटियां परिवार की सभी जिम्मेदारियां निभा सकती है। रस्म में सोहन चौपड़ा, भोलाराम चौपड़ा, मदन चौपड़ा, मोतीराम चौपड़ा, बाबू चौपड़ा आदि मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति में रिवाज है कि हमेशा मृतक के पुत्र या परिवार में किसी बेटे की पगड़ी बांधी जाती है, लेकिन इस रस्म के बाद हर कोई इसे लेकर चर्चा करता नजर आ रहा है। इसे लेकर यह भी कहा जा रहा है कि बेटी भी बेटों से कम नहीं होती।
Published on:
16 Dec 2022 09:29 pm
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