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बूढ़ा बास्योड़ा आज, शीतला माता की पूजा

माता को लगाया ठंडे पकवानों का भोग। महिलाओं ने माता की कथा सुनी और सुख-समृद्धि की कामना की
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बूढ़ा बास्योड़ा आज, शीतला माता की पूजा

बूढ़ा बास्योड़ा आज, शीतला माता की पूजा

जयपुर। वैशाख कृष्ण अष्टमी पर आज शहर में बूढ़ा बास्योड़ा मनाया जा रहा है। सुबह महिलाओं ने शीतला माता की पूजा-अर्चना कर राबड़ी, पूड़ी, पुए, पकोड़ी, दही बड़े आदि पकवानों का भोग लगाया। महिलाओं ने माता की कथा सुनी और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

माता की पूजा से पहले घरों में ना तो चाय बनी और ना ही चूल्हा जला। आज भी लोग ठंडे पकवानों जिमेंगे। ज्योतिषाचार्य डॉ रवि शर्मा ने बताया कि चैत्र कृष्ण अष्टमी के ठीक एक माह बाद वैशाख कृष्ण अष्टमी पर बूढा बास्योड़ा मनाया जाता है। इस दिन बास्योड़ा पर माता नही पूजने वाले भी शीतला माता की पूजा करते है।

स्कंद पुराण के अनुसार ब्रह्माजी ने सृष्टि को रोगमुक्त रखने का कार्यभार देवी शीतला को सौंपा था। ये स्वच्छता की अधिष्ठात्री देवी भी हैं। ज्योतिष के अनुसार, शीतला अष्टमी के दिन आप कुछ सरल उपाय करके माता को प्रसन्न कर सकते हैं। माता शीतला को चेचक या खसरा जैसे रोगों से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है ।

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