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गैंगस्टर के नाम पर धमकाने वालों का सैलाब, डमी हथियारों के साथ सोशल मीडया पर शेखी बघारने वाले बढ़े

सोशल मीडिया (Social Media) पर गैंगस्टर से संपर्क तथा उसका गुर्गा बनकर लोगों को जान से मारने की धमकी देने (hreatening to kill people) तथा फिरौती (demanding ransom) मांगने संबंधी मामले बढ़ने के बाद से पुलिस अलर्ट मोड पर है। लगातार ऐसे लोगों की धरपकड़ की जा रही है।

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जयपुर

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Amit Purohit

Feb 13, 2023

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pointed a gun

राजस्थान के हनुमानगढ़ में गैंगस्टर रितिक बॉक्सर (Ritik Boxer) एवं लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के नाम पर धमकी देकर फिरौती मांगने के करीब आधा दर्जन मामले पिछले तीन माह में सामने आ चुके हैं। इनमें से व्यापारी के यहां फायरिंग एवं चिकित्सक को धमकाने के मामले में आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

हनुमानगढ़ में चिकित्सक को धमकाने के मामले में पुलिस ने इस माह एक बाल अपचारी सहित चार जनों को गिरफ्तार किया था। चारों ही आरोपी हनुमानगढ़ व इसके आसपास के निवासी हैं। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि सभी आरोपी सोशल मीडिया के जरिए गैंगस्टर रितिक बॉक्सर के संपर्क में आए थे। चिकित्सक के घर व अस्पताल की रैकी तथा फायरिंग के बदले दस-दस लाख रुपए देना तय किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस टीम सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखे हुए है। गैंगस्टर की पोस्ट लाइक व उस पर कमेंट करने वालों पर नजर रख रही है। इसी के आधार पर फिरौती मांगने के अन्य मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सोशल मीडिया पर डमी हथियार के साथ फोटो अपलोड करने व सोशल मीडिया पर गैंगस्टर की प्रोफाइल को फोलो कर फोटो वायरल करने वाले दो युवकों को टाउन पुलिस ने दस फरवरी को शांतिभंग की आशंका में ऑपरेशन साइबर क्लीन के तहत गिरफ्तार किया था। टिब्बी व संगरिया पुलिस भी कई जनों को पकड़ चुकी है।

तो बढ़ रही फिक्र:
जान से मारने की धमकी देकर फिरौती मांगने के मामलों में अब तक गैंगस्टर के जिन गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें सभी साफ पुलिस रेकॉर्ड वाले मिले हैं। चिकित्सक से फिरौती मांगने के प्रकरण में तीनों ही आरोपियों का पहले का कोई अपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। इसी तरह गत वर्ष दिसम्बर में व्यापारी इंद्रजीत हिसारिया की दुकान पर फायरिंग के आरोप में पकड़े युवकों में से भी दो का कोई पहले का अपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।

व्यापारी, दो पार्षदों एवं एक चिकित्सक को 25 व 26 जनवरी के बीच व्हाट्सएप कॉल एवं वॉयस मैसेज भेजकर फिरौती मांगने के इन प्रकरणों में स्थानीय लोगों की संलिप्तता की संभावना शुरू से ही थी। क्योंकि लोकल सूत्र ही धनाढ़य व नव धनाढ़यों की सटीक सूचना गैंगस्टर तक पहुंचा सकते हैं। उनकी सूचना पर ही फिरौती के लिए लक्ष्य तय किए जा रहे हैं अन्यथा सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति को किसी की आर्थिक हैसियत वगैरह की जानकारी होना संभव नहीं है। यद्यपि जिले में गत वर्ष कई ऐसे मामले में भी सामने आ चुके हैं जिनमें फिरौती मांगने वाले फर्जी गैंगस्टर निकले तथा उनका किसी गैंग या गैंगस्टर से कोई संपर्क नहीं पाया गया।

जिले में फिरौती मांगने के मामले: