
Garlic Price Record Down: लहसुन की बंपर पैदावार, नहीं मिल रहे दाम, किसान फेंकने को मजबूर
लहसुन की हुई अच्छी पैदावार ने किसानों की मुसीबत बढ़ाने का काम कर दिया है, क्योंकि उन्हें एक रुपए किलो की दर से लहसुन बेचना पड़ रहा है। इससे नाराज किसान अपनी फसल को या तो मंडियों में छोड़कर भाग रहे हैं या फिर नदी तक में फेंक रहे हैं। ताजा मामला धार जिले के बदनावर से है जहां के किसान लहसुन की वाजिब दर न मिलने से इतने दुखी हुए कि उन्होंने नागदा गांव के पास चामला नदी में 100 कट्टे लहसुन फेक दिए।
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एक रुपए किलो लहसुन का दाम
किसानों का कहना हैं कि वे मंडियों में अपना लहसुन बेचने गए थे, इस लहसुन का वजन लगभग 20 क्विंटल था और इसके बदले उन्हें दाम सिर्फ दो हजार रुपए मिले यानी एक रुपए किलो लहसुन का दाम मिला, जबकि 18 अट्ठारह सौ रुपए तो भाड़ा और हम्मारी में गया, इसके अलावा लहसुन की साफ-सफाई का खर्च अलग से लगा हम किसान लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं
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आय वहीं, उत्पादन लागत दोगुनी
किसानों की आय दोगुनी तो नहीं हुई, लेकिन उत्पादन लागत जरूर दोगुनी हो गई है, खेती घाटे का धंधा बनती जा रही है। किसान को उसकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है और वो निरंतर कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। लहसुन एक रुपए से भी कम में बिक रहा है, घाटे के कारण किसान इसे कभी आग के हवाले कर रहे हैं और कभी नदी में बहा रहे हैं।
Published on:
28 Aug 2022 10:39 am
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