राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी भी धरना दे रहे परिजन से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में परिवार मजबूर होकर धरने पर बैठा है, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है। उनके अनुसार आत्महत्या सिस्टम की ओर से की गई प्रताड़ना का परिणाम है। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।