जयपुर। बूंदी से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन अतिशय क्षेत्र सिलोर के आदिश्वर गिरी में विराजमान मुनि पुंगव सुधासागर महाराज की मंगलवार को धर्मसभा हुई। धर्मसभा में मुनि महाराज ने कहा, प्रकृति के नियम को तो भगवान भी नहीं बदल सकते। उन्हें भी अपने कर्मों की करनी का सामना करना पड़ता है। महाराज ने कहा, कठोर तप, संयम एवं धर्म के बाद प्राप्त ज्ञान से ही आत्मा का कल्याण की राह खुलती है। जीवन में व्यक्ति टेंशन के बिना जल्द नहीं उठ सकता है। यह सब कर्म की बात है। इंसान को कर्म मजबूर कर देता है। महाराज ने कहा, अपराधी अपना अपराध मजिस्ट्रेट के सामने स्वीकार नहीं करता तो उसको रिमांड पर भेजे जाने के बाद वह अपना अपराध स्वीकार कर लेता है। अच्छे अपराधी पुलिस की मार से बचने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने ही अपराध स्वीकार कर लेते हैं। महाराज ने कहा, संसार एक काजल की कोठरी है। संसार में कोई अनियमितताओं से बच नहीं सकता। जानकारी के अनुसार सुबह मुनि संघ के सानिध्य में भगवान के अभिषेक हुए। प्रेमबाई, पवन, राजेन्द्र, सुरेश, संजय सेठिया और महावीर, नरोत्तम, नरेन्द्र टीकम जैन ने शांतिधारा की।