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बुराड़ी में सामूहिक मौत, भाटिया परिवार के तीसरे बेटे ने बतार्इ चाैंकाने वाली बात

दिल्ली के बुराड़ी में मूर रूप से राजस्थान के रहने वाले एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत का रहस्य गहराता ही जा रहा है।

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बुराड़ी में सामूहिक मौत, भाटिया परिवार के तीसरे बेटे ने बतार्इ चाैंकाने वाली बात

जयपुर। दिल्ली के बुराड़ी में मूर रूप से राजस्थान के रहने वाले एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत का रहस्य गहराता ही जा रहा है। परिवार में इकलौते बचे बेटे दिनेश भाटिया मामले काे सुसाइड मानने से इनकार कर रहे हैं। दिनेश ने मंगलवार को केस दर्ज कराकर मामले की जांच अन्य एंगल से करने की अपील की ।

दिनेश ने कहा कि मेरा मानना है कि यह मामला सुसाइड का नहीं है और उन्हें मीडिया रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है। मेरा परिवार कभी भी किसी बाबा के संपर्क में नहीं था। परिवार धार्मिक था, लेकिन किसी तरह के तांत्रिक क्रिया में लिप्त नहीं था। दीवार पर लगी पाइप के बारे में उन्हाेंने कि हवा के आने-जाने के लिए ये लगाए गए थे। मेरा परिवार इस तरह की आत्महत्या नहीं कर सकता। दिनेश राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में रहता है।

'परमात्मा में हो रहे लीन'
मामले में परिवार के आध्यात्मिक प्रवृति का होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके से दो रजिस्टर मिले हैं जिससे लगता है कि परिवार के लोग किसी साधना में लगे हुए थे। इनमें से एक रजिस्टर के एक ही पेज में विस्तार से सारी बातें हिन्दी में लिखी हुई हैं। रजिस्टर में लिखा हुआ है कि परमात्मा में लीन हो रहे हैं। आंखें बंद कर रहे हैं, ताकि भारी और बुरी वस्तु को न देख सकें। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पीड़ति परिवार किस गुरु को मानता था। परिजनों को आध्यात्म के लिए खुदकुशी के लिए उकसाया तो नहीं गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से परिवार के सदस्य लटके हुए थे, उस तरीके की बातें रजिस्टर में लिखी हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों रजिस्टरों में मौत और मोक्ष के लेकर एक कहानीनुमा लंबा लेख है, जिसमें किसी आध्यत्मिक गुरु का नाम नहीं है लेकिन मौत की क्रियाओं को लेकर एक बड़ा हिस्सा है।

कोई लूटपाट नहीं हुई है, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस को कई पड़ोसियों और जानकरों से ये पता चला है कि यह पूरा परिवार बेहद धार्मिक था, इनके घर में हर दूसरे दिन शाम को कीर्तन होते थे। घर के बाहर हर रोज एक तख्ती पर श्लोक लिखे जाते थे। परिवार के सभी 11 लोग हर व्रत साथ करते थे। परिवार का एक सदस्य पिछले दो-तीन साल से मौन व्रत पर था। अब तक की जांच में किसी बाहरी शख्स के घर में आने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। कोई लूटपाट नहीं हुई है, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ हो पायेगी।

सामने आया तंत्र-मंत्र से जुड़ा एक और कोण
इन मौतों के पीछे तंत्र-मंत्र से जुड़ा एक और कोण सामने आया है, जिस घर में 11 लोगों के शव मिले हैं उसकी बाहरी दीवार पर 11 पाइप लगे हैं। इन 11 पाइपों से से 4 बड़े हैं जो सीधे हैं, 7 अन्य पाइप का मुंह नीचे की ओर झुका है। इनमें से एक पाइप जिसका मुंह नीचे की ओर झुका हुआ है, वह पाइप सबसे दूर है। यह दीवार के बगल से एक खाली प्लॉट की तरफ है और शक है कि इन पाइप के पीछे भी कोई तंत्र मंत्र है। हालांकि इस परिवार के एक करीबी प्रवीण मित्तल को तंत्र-मंत्र के पीछे एक साथ खुदकु शी करने की बात उनके गले नहीं उतर रही।

इन लोगों की हुई मौत
1. नारायण देवी (77)

2.प्रतिभा (नारायण की बेटी, 57)

3.प्रियंका (नारायण की नातिन, 33)

4.भुवनेश उर्फ भूपी (बड़ा बेटा, 50)

5.श्वेता (भुवनेश की पत्नी, 48 )

6.नीतू (भुवनेश की बड़ी बेटी, 25)

7.मीनू (भुवनेश की छोटी बेटी, 23)

8.ध्रुव (भुवनेश का बेटा, 15)

9. ललित (छोटा बेटा, 45)

10. टीना (ललित की पत्नी, 42)

11. शिवम (ललित का बेटा, 15)।